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जानिए क्या हैं इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000

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सेंट्रल डेस्क : केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया की निगरानी करने वाले नियमों को कड़ा कर दिया है,तो वही स्ट्रीमिंग कंपनियों को अब लगातार आ रहे आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत के बाद हटाना होगा। फेसबुक-व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसी कंपनियों को कंटेंट की निगरानी के लिए शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्त करनी होगी और सरकार को जांच में सहयोग देना होगा।

सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए कोई नया कानून नहीं बनाया,बल्कि ‘इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000’ के तहत अब नियम बनाए हैं। ये प्लेटफॉर्म्स सोशल मीडिया,डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स है।

सोशल मीडिया :

सोशल मीडिया पर नग्नता, अश्लील हरकत और तस्वीरों से छेड़छाड़ जैसी सामग्री को शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर हटाना होगा। इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट की शिकायत पर 24 घंटे के भीतर पोस्ट को संबंधित प्लेटफॉर्म से हटाना होगा। इसमें महिला की तरफ से की गई शिकायत जरूरी नहीं होगी। शिकायतों से निपटने के लिए एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना होगा और इस अधिकारी को 24 घंटे के अंदर शिकायत स्वीकार करनी होगी और 15 दिनों के अंदर उसका निवारण भी करना होगा।

डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म :

डिजिटल युग में आज सभी न्यूज़ कंपनियों के सोशल मीडिया पर भी अकाउंट्स हैं। जहां वह अपनी खबरें यू-ट्यूब फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर के जरिए यूजर्स तक पहुंचाते हैं। अब नए नियमों में डिजिटल न्यूज मीडिया के पब्लिशर्स को प्रेस काउंसिल ऑफ के नॉर्म्स ऑफ जर्नलिस्टिक कंडक्ट और केबल टेलीविजन नेटवर्क्स रेगुलेशन एक्ट के तहत प्रोग्राम कोड का पालन करना होगा। इसका मतलब है कि अब प्रिंट-टीवी और डिजिटल मीडिया के लिए एक ही तरह के नियम होंगे।

ओटीटी प्लेटफॉर्म :

नेटफ्लिक्स-अमेजन प्राइम, एल्ट बालाजी और MX प्लेयर जैसे तमाम प्लेटफॉर्म्स पर फिल्में, वेबसीरीज और अन्य कंटेट सीधे ऑनलाइन रिलीज होते हैं। इस प्लेटफॉर्म को ओवर-द-टॉप जिसे ओटीटी प्लेटफॉर्म भी कहा जाता है। सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की मनमानी रोकने के लिए भी अब नियम सख्त किए हैं।

हमेशा से विवादों में रहा ओटीटी प्लेटफॉर्म :

देश में ओटीटी प्लेटफॉर्म का कंटेंट हमेशा से ही विवादों में रहा है ,तो वही नेटफ्लिक्स-अमेजन प्राइम जैसी बड़ी कंपनियों पर कभी अश्लीलता तो कभी हिंसात्मक दृश्य दिखाने और कभी धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगता रहा है। नए नियमों में सरकार ने कोड ऑफ एथिक्स की बात कही है। इसका मतलब है कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म मनमाने ढंग से कुछ भी नहीं दिखा पाएंगे और इनपर भी सेंसरशिप लागू होगी। अब दर्शक को कुछ भी आपत्तिजनक कंटेंट नहीं परोसा जाएगा।

भारत डिजिटल और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है। भारत में 53 करोड़ व्हाट्सऐप यूजर्स, 44.8 करोड़ यू-ट्यूब यूजर्स, 41 करोड़ फेसबुक यूजर्स, 21 करोड़ इंस्टाग्राम यूजर्स और 1.75 करोड़ ट्विटर यूजर्स हैं।

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