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यूपी गेट पर धरना दे रहे किसानों ने भरी हुंकार, सिंतबर तक मांगें नहीं हुई पूरी तो करेगे संसद का घेराव

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सेंट्रल डेस्क / अनू अस्थाना:  पिछले कई महीनों से किसानों और सरकार के बीच कृषि बिल को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म होने नाम नहीं ले रहा है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर हरियाणा के प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सितंबर तक सरकार किसानों की बात नहीं सुनेगी तो बड़ा निर्णय लिया जाएगा। किसानों के ट्रैक्टर संसद तक जाएंगे। यूपी गेट पर 28 नवंबर से तीनों कृषि कानूनों के विरोध में धरना चल रहा है।

पिछली बार की तरह इस बार पुलिस किसानों को नहीं कर पाएगी गुमराह
राकेश टिकैत ने कहा कि कहा कि 26 जनवरी को पुलिस गुमराह करके ट्रैक्टरों को लाल किला पर ले गई थी। इस बार किसान गुमराह होने वाले नहीं हैं। अब की बार संघर्ष हुआ तो किसान पीछे नहीं हटेंगे। सरकार सितंबर तक समस्या का निस्तारण करे नहीं तो हम सख्त निर्णय लेने को मजबूर होंगे।

एमएसपी पर टिकैत ने फिर सरकार को घेरा
टिकैत ने कहा सरकार कहती है कि देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी थी, है और रहेगी लेकिन हम बताना चाहते हैं कि मूंग के किसानों को एमएसपी नहीं मिला। 75 सौ रुपये एमएसपी वाली मूंग चार हजार रुपये में खरीदी गई। किसान मूंग लेकर संसद पर जाएंगे। सरकार इस गलतफहमी में न रहे कि वाटर कैनन से किसानों के ट्रैक्टर रूक जाएंगे। बंपर लगे ट्रैक्टर न केवल बैरियर तोड़ेंगे बल्कि वाटर कैनन मारने के लिए लगाई गाड़ियों का भी इलाज करेंगे।

पहली बार चार राज्यों के किसान आए एक साथ
राकेश टिकैत ने आगे कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब समेत सब एक साथ हैं। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत कहा करते थे कि इन चार राज्यों के किसान एक हो जाएं तो किसानी को कोई दिक्कत ही न हो। इस दौरान अभिमन्यु कोहाड़, प्रधान नरेश दहिया, अंतिल खाप के प्रधान हवा सिंह, तोमर खाप से चौधरी रतिराम आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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