कुंवर सिंह जवान होते तो 1857 में ही अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ता : डॉ. मनीष रंजन

बिक्रमगंज/राजू रंजन दुबे : शहर के स्थानीय वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय में बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती बड़े धूमधाम से कोरोना नियमों का पालन करते हुए मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री सह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य प्रोo डॉ मनीष रंजन ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ अद्भुत वीरता और आन बान के साथ लड़ाई लड़ी।


यह गनीमत थी कि युद्ध के समय कुंवर सिंह की उम्र 80 वर्ष के करीब थी,अगर वे जवान होते तो शायद अंग्रेजों को 1857 ईo में ही भारत छोड़ना पड़ता । सात समुंदर पार के फिरंगी हुकूमत के खिलाफ जंग का ऐलान कर गोरी चमड़ी वालों को मटियामेट कर देने वाले स्वतंत्रता आंदोलन के बेमिसाल योद्धा वीर बांकुड़ा बाबू वीर कुंवर सिंह के अदम साहस व पराक्रम से अंग्रेज अफसर थरथर कांपते थे।

यही कारण है कि आज से 163 वर्ष पहले अंग्रेजों ने कुंवर सिंह को पकड़ने के लिए 25 हजार का इनाम रखा था । आज की तारीख में यह रकम अरबों में होगी । जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल 1858 को अंग्रेजी हुकूमत के गवर्नर जनरल के आदेश पर जनरल के सचिव जीo एफo एडमास्टन ने कुंवर सिंह पर 25 हजार इनाम घोषित किया था।

आदेश में कहा गया था कि यह सूचित किया जाता है कि उस व्यक्ति को ₹25000 पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे जो जगदीशपुर से विद्रोही बाबू वीर कुंवर सिंह को जीवित रूप में किसी भी ब्रिटिश सैनिक चौकी अथवा कैंप में सुपुर्द करेगा आगे यह भी सूचित किया जाता है कि इस पुरस्कार के अलावा पहली तारीख को जारी सरकारी 470 में उल्लेखित बातों के अतिरिक्त किसी भी बलवाई अथवा भगोड़े सैनिक अथवा किसी भी विद्रोही को क्षमा कर दिया जाएगा जो उपयुक्त कुंवर सिंह को सुपुर्द करेगा।

अंग्रेज अफसर के इस आदेश से पता चलता है कि महानायक से अंग्रेज कितना खौफ खाते थे । डॉo रंजन ने यह भी कहा कि बाबू साहेब की शहादत युगो युगो तक याद रखी जाएगी। विदेशी दासता से मुक्ति के लिए हथियार उठाने वाले अग्रणी योद्धा थे बाबू कुंवर सिंह।

इस कार्यक्रम में उप प्राचार्य प्रो वीर बहादुर सिंह, प्रो उमाशंकर सिंह, प्रो शिव कुमार सिंह,प्रो सुरेंद्र कुमार सिंह,प्रो विजय कुमार सिंह, प्रो ज्ञान प्रकाश सिन्हा, प्रो ब्रजकिशोर सिंह,प्रो बलवंत सिंह, प्रो अजय यादव, प्रो अनिल सिंह, प्रो दिनेश कुमार, अजय कुमार मिश्रा, राजेश्वर सिंह, ब्रजेश सिंह, रोहित कुमार तिवारी, मंटू कुमार चौधरी आदि सभी मौजूद थे ।