Psychology Facts: एंजायटी डिसऑर्डर का इलाज़ है सम्भव, जानें क्या होते है लक्षण और कारण

Anxiety disorder: एंजायटी डिसऑर्डर नाम से पता चलता है चिंता, घबराहट। चिंता या विकार, घबराहट एक मनोवैज्ञानिक रोग है। इस विकार में व्यक्ति को तेज बेचैनी, नकारात्मक विचार, अनावश्यक चिंता तथा सदैव कुछ गलत होने का विचार सताता रहता है। आजकल के समय में काफी लोग से ग्रसित हैं। आज के समय में युवा पीढ़ी भी इससे अछूती नहीं है। युवाओं में भी डिप्रेशन अब समान्य रूप से देखा जा रहा है। इसका इलाज संभव है लेकिन लोग जल्दी इसके बारे में बात नहीं करते है। जाने विस्तार से-



इसके के लक्षण:
अत्यधिक चिंता: छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा चिंतित हो जाना तथा बहुत नकारात्मक विचार आना।
उत्तेजित हो जाना: बहुत ज्यादा चिंता करने के कारण व्यक्ति का नाम सिस्टम तेज हो जाता है इसके कारण उसकी दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
थकान होना: जब व्यक्ति अत्यधिक चिंता करता है तो उसका किसी कार्य में मन नहीं लगता है तब वह बीमार अत्यधिक थकान महसूस करता है ।

इसके होने के कारण:

परिवारिक लड़ाइयां: जब परिवार में लड़ाई झगड़े होते हैं जिसके कारण लोग में अत्यधिक तनाव से ग्रस्त हो जाते हैं।

तनावपूर्ण कार्य: आजकल के दौर में लोगों को काम धंधे में हो रही नुकसान तथा परेशानियों तथा जॉब में हुए तनाव के कारण अत्यधिक चिंता करते हैं।

नशा करना: जब कोई व्यक्ति किसी परेशानी या दुखों से गुजरता है तब वह नशे का सेवन करना शुरू कर देता है जिसके कारण एंजायटी डिसऑर्डर होता है।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां: लंबी बीमारियों के चलते या अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण भी लोग एंजायटी डिसऑर्डर का शिकार हो जाते हैं।

पर्सनालिटी परफेक्ट डिसऑर्डर: जब व्यक्ति हर क्षेत्र में परफेक्ट होना चाहता है लेकिन उसे सब जगह कामयाबी नहीं मिलती है और वह हार जाता है जिसके कारण एंजायटी डिसऑर्डर का वह शिकार होता है ।

इसके बचाव के कारण:

मनोवैज्ञानिक सलाह: जब व्यक्ति अत्यधिक या व्यर्थ की चिंता करता है और उसे वह कंट्रोल नहीं कर पाते हैं तब उस व्यक्ति को एक मनोवैज्ञानिक चिकित्सक या सलाहकार की जरूरत पड़ती है।

संगीत सुनना: अच्छा संगीत या मनपसंद संगीत सुनने से व्यक्ति का मूड सही हो जाता है। जिसके कारण उसका ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है तथा हार्टबीट सही हो जाती है। संगीत एक सबसे अच्छा मूड बूस्टर होता है।

अकेले ना रहना: यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक चिंता करता है तो उसे अकेले बिल्कुल नहीं रहना चाहिए उसे हर समय कुछ ना कुछ करते रहना चाहिए तथा अपने आप को व्यस्त रखना चाहिए तथा प्रिय परिजनों या दोस्तों के साथ रहना चाहिए।

व्यायाम करना: व्यक्ति को कम से कम हर रोज आधा घंटा व्यायाम करना चाहिए जिससे उसके शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है तथा स्ट्रेस कम होता है।

हेल्दी डाइट तथा भरपूर नींद: जब व्यक्ति अत्यधिक चिंता करता है तो उसे बहुत ज्यादा भूख लगती है या बिल्कुल भी भूख नहीं लगती है और उसकी नींद भी पूरी नहीं हो पाती। जिसके कारण उसकी चिंता और बढ़ती है। इसलिए व्यक्ति को समय के अनुसार खाना खाना चाहिए तथा भरपूर नींद लेनी चाहिए। जिससे स्ट्रेस कम होता है।

एंजायटी डिसऑर्डर का इलाज पूरी तरह संभव है लेकिन अगर व्यक्ति खुद कोशिश करें तो वह अपने तनाव को पूरी तरह से कम कर सकता है। इसके लिए उसे खुद को खुश करने का प्रयास करना चाहिए अपने आसपास के वातावरण तथा चीजों को महसूस करना चाहिए। लोगों से बातें करना चाहिए तथा अपने दिल की बात कुछ शेयर दूसरों से शेयर करना चाहिए। नई चीजें हमेशा सीखते रहना चाहिए। जितना मन नई चीजें सीखेगा उतना उसका मस्तिष्क विकसित होगा और वह स्ट्रेस कम लेगा।