अलकतरा घोटाला में इलियास हुसैन को 5 साल की सजा, CBI कोर्ट ने 20 लाख का जुर्माना भी लगाया

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सेंट्रल डेस्क: सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत में अलकतरा घोटाला मामले में पूर्व मंत्री इलियास हुसैन को 5 साल की सजा शुक्रवार को सुना दी. कोर्ट ने 5 साल की सजा के साथ साथ उन्हें 20 लाख का जुर्माना भी ठोका. उनके अलावा इसमें शामिल अन्य चार दोषियों को भी 5 साल की सजा सुनाई गयी है. मामला 1. 57 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाला से जुड़ा हुआ हैं पटना हाइकोर्ट ने 10 फरवरी 1997 को अलकतरा घोटाले की जांच सीबीआइ से कराने का आदेश दिया था.

वर्ष 1994 से 1996 के बीच 3266 मिट्रिक टन अलकतरा घोटाले को लेकर सीबीआइ ने 20 मार्च 1997 को अलग-अलग पांच प्राथमिकी दर्ज की थी. सितंबर 2018 में इलियास हुसैन को एक मामले में चार साल की सजा सुनायी गयी थी. वर्तमान में उसी मामले में सजा काट रहे हैं. वर्ष 1994 में रोड डिविजन द्वारा चतरा में सड़कों का निर्माण किया जा रहा था, इसके लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी कोलकाता से अलकतरा आना था़ लेकिन मंत्री व इंजीनियरों ने कंपनी से साठ गांठ कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया.

CBI जांच में सरकार को नुकसान पहुंचाने के सबूत मिले थे. 3266 मीट्रिक टन अलकतरा अवैध तरीके से बेच दिया गया़ जिसकी कीमत उस समय 1.57 करोड़ रुपये थी. पूरे घोटाले में पूर्व मंत्री मो. इलियास हुसैन, मंत्री के सचिव साहबुद्दीन बेग, खरीद एवं परिवहन विभाग के निदेशक केदार पासवान, उपनिदेशक मुजताबा अहमद, कार्यपालक अभियंता रामानंद राम, सेक्शन पदाधिकारी शोभा सिन्हा एवं ट्रांसपोर्टर आपूर्तिकर्ता डीएन सिंह शामिल हैं. इस मामले में CBI ने वर्ष 1997 में कांड संख्या-आरसी-2/97 दर्ज किया था. इसमें बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन सहित सात आरोपी हैं.