बिना परमीशन लालू यादव से मिले थे तेजस्वी, जेल IG ने दिए जांच के आदेश

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रांची : जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है महागठबंधन के नेताओं की हाजिरी चारा घोटाले के मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सामने लग रही है. हर शनिवार कोई न कोई नेता लालू से मिलने जा रहा है. लालू यादव से कोई भी बिना अनुमति-आदेश के मिल सकता है, बस रिम्‍स प्रबंधन या लालू की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों से उसकी सेटिंग होनी चाहिए।

रांची के रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाजरत लालू प्रसाद यादव से बीते दिनों उनके छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने जेल प्रशासन की बिना अनुमति से मुलाकात की थी। एक हाई प्रोफाइल सजायाफ्ता से इस तरह बेरोकटोक मिलना पूरी व्‍यवस्‍था पर सवाल खड़ा कर रहा है।

अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्‍चस्‍तरीय जेल प्रशासन ने पूरे मामले पर जांच बिठा दी है। बताया गया कि जेल आइजी वीरेंद्र भूषण ने बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल के जेल अधीक्षक से इस बाबत पूछताछ कर रिपोर्ट तलब की है। तेजस्वी यादव के अपने पिता लालू प्रसाद यादव से बिना अनुमति मिलने पर जेल अधीक्षक ने साफ कहा है कि उन्होंने तेजस्वी यादव को लालू से मिलने की इजाजत नहीं दी थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल आइजी वीरेंद्र भूषण ने बिरसा केंद्रीय कारा, होटवार के जेल अधीक्षक को फोन कर पूछा कि क्या आपने तेजस्वी यादव को लालू प्रसाद से मिलने की अनुमति दी थी.

इस पर जेल अधीक्षक ने उन्हें बताया कि उन्होंने तेजस्वी को मिलने की इजाजत नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि तेजस्वी को छोड़ दो अन्य लोगों को लालू प्रसाद से मिलने की अनुमति दी थी. यह सुन आइजी ने जेल अधीक्षक को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. जेल IG ने बताया कि जेल से लालू प्रसाद को इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया है.

रिम्‍स में लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा की जिम्‍मेवारी जिला प्रशासन और पुलिस की है। इसके लिए भारी-भरकम लश्‍कर तैनात किया गया है। ऐसे में बिना औपचारिक अनुमति के आखिर किन परिस्थितियों में लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तेजस्वी यादव को उनसे मिलने दिया, यह जांच का विषय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई के लिए डीसी और एसएसपी से इस बारे में कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।