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फर्नेस फटने की घटना की होगी उच्चस्तरीय जांच, सच्चाई आएगी सामने : आशुतोष

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विनोद कर्ण/बेगूसराय। बरौनी रिफाइनरी की मान्यता प्राप्त यूनियन बरौनी तेलशोधक मजदूर यूनियन की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए बीटीएमयू के अतिरिक्त महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि रिफाइनरी के AVU-1 यूनिट का फर्नेस फटना दुखद है, लेकिन इसको लेकर सोशल मीडिया में जिस तरह भ्रांतियां फैलाई गई, उसकी जितनी निंदा की जाए, कम होगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की जरूरत है। प्लांट के अंदर हजारों मजदूर व कर्मचारी काम करते हैं। इस तरह की अफवाह वाली खबर से कितने परिवार के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है, सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फर्नेस फटने से न तो आग लगी और न किसी की मौत हुई, लेकिन सोशल मीडिया पर क्या लिखा गया।

उन्होंने कहा कि बरौनी रिफाइनरी में बीते 16 सितंबर को हुई दुर्घटना की जांच विभिन्न एजेन्सी कर रही है। यह तकनीकी चूक या मानवीय भूल हो सकती है। वर्ष 1965 से ही तमाम बरौनियन अपनी ऊर्जा का उपयोग बरौनी रिफाइनरी के सतत् विकास में लगाए हुए है। ऐसे में जाॅच पूरी हुए बगैर केन्द्रीय मंत्री द्वारा इस घटना को आपराधिक करार देना पूर्णतः निंदनीय है। बरौनी रिफाइनरी कर्मी के निष्टा पर प्रश्न उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में घायल 19 व्यक्तियों मे से 18 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सभी घायलों को मामूली चोटें आयी थी। बीटीएमयू के कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष कुमार मुन्ना ने कहा कि बीटीएमयू इस संकट के घड़ी में तमाम मजदूरो के साथ है। घायलों के इलाज हेतु हरेक व्यवस्था की गयी। सभी के हितों के लिए हमलोग प्रयासशील है।

बीटीएमयू के उपमहासचिव रजनीश रंजन ने कहा कि बरौनी रिफाइनरी पूर्ण रूप से मेन्टिनेन्स के दौर में थी। उस दिन AVU -1 यूनिट को स्टार्ट किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया में Furnace विस्फोट हुआ जिसमें 19 लोग घायल हुए। लेकिन इस घटना को बिना सच्चाई का पड़ताल किए हुए जिस तरह से साजिश के तहत झूठी अफवाह फैलाई गयी और बरौनी रिफाइनरी को बदनाम किया गया, उसकी हम लोग कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं।

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उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गयी जब अफवाह फैलाने वालों के व्दारा 2018 के आग वाले वीडियो को प्रचारित किया गया। उन्होंने कहा कि असंगठित मजदूर के भावनाओ को समझा जा सकता है क्योंकि उनके परिवार वाले के पास संपर्क करने का कोई माध्यम नहीं था लेकिन तथाकथित लोगों द्वारा इस घटना को तूल देकर अपनी रोटी सेकने का प्रयास किया गया।

प्रेस वार्ता में सहायक महासचिव साइमन मूर्मू, संगठन मंत्री भोगेन्द्र कुमार कमल, उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, विनोद कुमार चौधरी, अमित कुमार, सचिव संजय कुमार, वागीश आनंद, कोषाध्यक्ष पुरूषोत्तम कुमार, दिगम्बर झा, पीसी पाठक समेत काफी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

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