चंपारण: जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए विकास के मुद्दे

चंपारण/राजन दत्त द्विवेदी: मोतिहारी सांसद राधा मोहन सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक समाहरणालय स्थित डॉ. राधा कृष्ण भवन में हुई। इस अवसर पर पश्चिमी चंपारण के सांसद संजय जायसवाल, डीएम एसके अशोक, जिले के सभी विधायक, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के सभापति , डीडीसी, अपर समाहर्ता, सभी विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में पूर्व की बैठक के कार्यवाही का अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा हुई।


सभी विधायकों ने अपने अपने क्षेत्रों के विकास एवं समस्याओं पर इस बैठक में रखा और इस पर चर्चा की। मधुबन विधायक राणा रणधीर के द्वारा सामुदायिक भवन का निर्माण और पकड़ीदयाल अनुमंडल अस्पताल का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि दलित बस्तियों में सामुदायिक भवन का निर्माण अति शीघ्र किया जाएगा। हरसिद्धि विधायक ने मांग किया कि बलुआ रघुनाथपुर में अक्सर जाम की समस्या रहती है। जिससे निजात पाने के लिए बालगंगा से मंजूराहा होकर गुजरने वाली सड़क पर पुल निर्माण कराया जाए ताकि जाम की समस्या से निजात मिल सके। अरेराज विधायक ने मलाही में गर्ल्स हाई स्कूल प्लस टू का कोई विद्यालय नहीं होने की बात कही।

जिला परिषद के द्वारा मांग किया गया कि मोतीझील जो अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है उस पर अविलंब निर्माण कार्य किया जाए। ताकि भविष्य में अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न ना हो। एमएसडीपी योजना की समीक्षा की गई। गन्ना उद्योग विभाग मंत्री ने नल – जल योजना के समस्याओं को उठाया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि जल – नल योजना की शिकायत के लिए एक शिकायत कोषांग बनाया जाए। ताकि लोगों की समस्या का तुरंत समाधान हो। वहीं जल जीवन हरियाली मिशन के कार्यों की समीक्षा की गई।

साथ ही इसे गति प्रदान करने की बात कही गई। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी विभाग के पदाधिकारी अपने विभाग से संबंधित समस्याओं को नोट कर अनुपालन करना सुनिश्चित करें। बताया कि आयुष्मान भारत के लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर कार्यपालक सहायक द्वारा निशुल्क गोल्डन कार्ड वितरित किया जाएगा। आरटीपीएस काउंटर की जांच करने की बात भी बताई। कहा सभी पीएससी में जल्द ही डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति होगी। इसकी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दाखिल खारिज की समस्याओं पर जिलाधिकारी ने बताया कि दाखिल खारिज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और कैंप लगाकर दाखिल खारिज करने का निर्देश दिया गया है। सभी विभागों द्वारा विधायकों एवं सदस्यों के समस्याओं का निराकरण करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए।