किसान गन्ना उत्पादन कर अपने साथ बिहार और भारत को बनाए आत्मनिर्भर : मंत्री

मोतिहारी/राजन द्विवेदी: गन्ना उद्योग एवं विधि विभाग मंत्री प्रमोद कुमार एवं जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक के संयुक्त नेतृत्व में समाहरणालय स्थित राधा कृष्ण भवन में गन्ना से गुड़ उत्पादन को लेकर जिले के गन्ना किसानों संग बैठक हुई। जिसमें गन्ना उत्पादन एवं उत्पन्न समस्याओं पर विचार विमर्श हुए। गन्ना उद्योग सह विधि मंत्री श्री कुमार ने कहा कि वैसे तो गन्ना उत्पादन खासकर चीनी के लिए होता है। लेकिन, गन्ना से निर्मित गुड़ के आजकल महत्ता बहुत बढ़ गई है।



अगर नये तकनीक अपना कर गन्ना से गुड़ उत्पादन की ओर पहल करें तो यह आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी होगा। किसान गन्ना उत्पादन के माध्यम से खुद के साथ अपने बिहार और भारत को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। गन्ना से विभिन्न वैरायटी के गुड़ का उत्पादन किया जाए तो किसानों के आय में वृद्धि हो सकती है। गन्ना उद्योग विभाग के वैज्ञानिकों ने किसानों के बीच गन्ना से गुड़ कैसे बनाया जाए इसका प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। बताया वैज्ञानिक विधि से गुड़ जिसमें अन्य औषधियों के साथ मिलाकर बनाया जाए तो रोग प्रतिरोधक वाला गुड़ का उत्पादन हो सकता है।

इसकी प्रोसेसिंग हो पैकिंग हो इस पर भी किसानों को बताया गया। मंत्री ने किसानों गन्ना मूल्य का भुगतान हेतु इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर का निर्माण करने का आश्वासन दिया। ताकि चीनी मिलों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता हो सके। हर किसान अपनी मूल्य का अवलोकन कर सके। डीएम श्री अशोक ने कहा कि सरकार ने किसानों के द्वारा गुड़ इकाई स्थापना पर 50% का अनुदान देती है। किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं। कहा कि शीघ्र इच्छुक किसान प्रस्ताव दें ताकि प्रस्ताव विभाग को भेजा जा सके। बताया कि गन्ना बीज उत्पादन एवं नए वेरायटी पर अनुदान की भी व्यवस्था है। चीनी मिल गैर क्षेत्र में गुड प्लांट लगाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

उन्होंने बताया कि जलजमाव में गन्ने की होने वाली नुकसान के समाधान के लिए योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि चंपारण उत्पादन चीनी उत्पादन में अग्रणी जिला है। अब गुड़ उत्पादन में भी अग्रणी बनाना है । उन्होंने बताया कि गुड़ के अंदर बहुत पोषक तत्व होते हैैं। औषधि में इस्तेमाल कर क्वालिटी और पैकिंग कर दूसरे स्थानों पर मार्केटिंग हो सकती है। मौके पर पीडी आत्मा, ईख पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।