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तालिबान की बढ़ी ताकत: कंधार में भी किया कब्जा, भारत ने राजनयिकों और स्टाफ को बुलाया वापस

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सेंट्रल डेस्क,11जुलाई 2021: आतंकी संगठन तालिबान ने रविवार को अफगान सेना के साथ चले जबर्दस्त संघर्ष में कंधार के पंजवाई जिले को कब्जे में ले लिया। तालिबान यहां एक-एक जिलों पर अपना कब्जा जमाता जा रहा है। यह उसका पुराना गढ़ रहा है। यह जानकारी इस घटना से परिचित लोगो ने दी है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी मई की शुरुआत में शुरू हुई थी। तभी से तालिबान ग्रामीण इलाकों पर कब्जा जमाने में लग गया था। 50 से ज्यादा जिलों को अब तक वह अपने कंट्रोल में ले चुका है।

शनिवार को भारतीय वायु सेना का एक विशेष विमान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस कर्मियों के एक समूह सहित भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों और अन्य स्टाफ सदस्यों को वापस लाने के लिए भेजा गया। भारत ने कंधार में वाणिज्य दूतावास को अस्थायी रूप से बंद करने का कदम उठाया है। तालिबान लड़ाकों द्वारा इस क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिमी अफगानिस्तान में कई प्रमुख क्षेत्रों पर तेजी से नियंत्रण करने को लेकर भारी सुरक्षा चिंताओं को जन्म दे रहा है। फिलहाल
काबुल में भारतीय दूतावास ने कहा कि कंधार और मजार-ए-शरीफ में दूतावास और वाणिज्य दूतावास को बंद करने की कोई योजना नहीं है।

खबरों के अनुसार उत्तरी बल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए-शरीफ में कम से कम दो विदेशी मिशनों ने क्षेत्र में बढ़ती हिंसा को देखते हुए अपना अभियान बंद कर दिया है। अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात को देखकर भारत में बढ़ती चिंताओं के बीच अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुंडजे ने मंगलवार को विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को अफगानिस्तान के हालात से अवगत कराया। पिछले हफ्ते भारतीय दूतावास ने अफगानिस्तान में आने, रहने और काम करने वाले सभी भारतीयों से कहा ‘वे अपनी सुरक्षा के संबंध में सावधानी बरतें और इस दौरान सभी प्रकार की गैर-जरूरी यात्रा से बचें। वही अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति “खतरनाक” बनी हुई है और आतंकवादी समूहों ने नागरिकों को लक्षित करने सहित कई जटिल हमले किए हैं।  50 राजनयिकों और सुरक्षाकर्मियों को भारतीय वायु सेना के विमान से वापस बुला लिया है। फिलहाल अफगान विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अतमार ने मार्च में भारत का दौरा किया। इस दौरान जयशंकर ने उन्हें शांतिपूर्ण, संप्रभु और स्थिर अफगानिस्तान के लिए भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता से अवगत कराया।

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