ओडिशा का हाईप्रोफाइल अंजना मिश्रा बलात्कार कांड : मुख्य आरोपी 22 साल बाद गिरफ्तार

भुवनेश्वर (महेश शर्मा ) : ओडिशा का बहुचर्चित अंजना मिश्रा हाईप्रोफाइल गैंगरेप का 22 साल से फरार मुख्य आरोपी बिबेकानंद बिस्वाल उर्फ बिबन बिस्वाल को पुलिस ने 22 साल बाद आज सोमवार को मुंबई के लोनावाला स्थित आंबीघाटी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आयुक्त सुधांशु षाड़ंगी ने इसकी पुष्टि की। वह जालंधर स्वैं के नाम से रह रहा था। सीबीआई को भी इसकी तलाश थी।



यह केस नेशनल मीडिया में भी सुर्खियों में था। 9 जनवरी 1999 की इस घटना को लेकर आंदोलन के दबाव में ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय जानकी बल्लभ पटनायक को इस्तीफा देना पड़ गया था। पीड़िता ने पूर्व मुख्यमंत्री और उनके निकटतम रहे पूर्व महाधिवक्ता इंद्रजीत राय पर भी षड़यंत्र का आरोप लगाया था।
आपको बताते चलें कि अंजना मिश्रा भारतीय वन सेवा के अधिकारी की पत्नी थी जो पति से अलग रह रही थी।

यह मामला उस समय और भी तूल पकड़ने लगा था जब पीड़िता ने तत्कालीन मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक और उनके मित्र पूर्व महाधिवक्ता इंद्रजीत राय पर आरोप लगाया कि इस मामले में उनका भी हाथ है। बताते हैं कि इस बहुचर्चित बलात्कार कांड ने कांग्रेस पार्टी की छवि खराब कर दी थी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पटनायक से इस्तीफा देने को कहा। उनके बाद गिरधर गमांग को नया मुख्यमंत्री बना दिया था। जानकी बल्लभ पटनायक 1980 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे और 1989 तक वह दो बार मुख्यमंत्री रहे। तीसरी बार 1995 में वह ओडिशा के मुख्यमंत्री बनाए गए।

इस दौरान अंजना मिश्रा बलात्कार कांड और ग्राहम स्टेंस की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं के चलते हुए राज्यव्यापी आंदोलनों के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। 21 अप्रैल 2015 को उनका निधन हो गया। केस की बाबत बताया जाता है कि अंजना और उसके पत्रकार दोस्त 9 जनवरी 1999 कार से यात्रा कर रहे थे। कार बारंग के पास एक सुनसान जगह पर रोक दी गई थी।

बारंग भुवनेश्वर के आउटर पर छोटा सा टाउन है। आरोप है कि अंजना मिश्रा को उसके मित्र के समक्ष सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया गया। दो आरोपियों को 26 जनवरी 1999 को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने मामले की जांच के लिए 26 फ़रवरी 1999 को जांच सीबीआई को सोंपने के आदेश किए। बताते हैं कि 5 मई 1999 को सीबीआई ने अपने आरोप पत्र प्रस्तुत किए।

लंबी लड़ाई के बाद अंजना मिश्रा ने अपना मुकदमा जीत लिया। 29 अप्रैल 2002 पर दिये गये एक फैसले में उड़ीसा के खुर्दा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले में तीन आरोपियों में से दो को प्रत्येक को आजीवन कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना सजा सुनाई। न्यायाधीश महेंद्र नाथ पटनायक ने 9 जनवरी 1999 को प्रदीप साहू और दिरेंद्र मोहंती को दोषी पाया जबकि एक आरोपी अब भी फ़रार है।

फांसी पर लटका दो

पीड़िता अंजना मिश्रा ने बिबन बिस्वाल की गिरफ्तारी के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसे मौत की सजा दी जाए। फांसी पर लटका दो। वह कहती हैं कि अब वह थोड़ी राहत महसूस कर रही हैं। और खुश हैं कि उसे गिरफ्तार किया गया। उन्होंने पुलिस आयुक्त और उनकी टीम को धन्यवाद दिया।

दूसरी तरफ अंजना मिश्रा बलात्कार कांड में आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा को लेकर आंदोलन चलाने वाली राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य एडवोकेट नम्रता चड्ढा ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को आंदोलन की जीत बताया और कहा कि रेप पीड़िता को न्याय तो कभी नहीं मिलता है पर गिरफ्तारी से थोड़ा संतुष्टि जरूर मिल जाती है। नम्रता ने भी पुलिस पार्टी को धन्यवाद दिया।

तीन माह पहले शुरू हुआ था आपरेशन

पुलिस कमिश्नर सुधांशु षाड़ंगी ने बताया कि बिबन बिस्वाल की गिरफ्तारी के लिए तीन महीने पहले ऑपरेशन शुरू किया गया था। उसे मुंबई के लोनावला आंबी घाटी से गिरफ्तार किया गया। वह नाम बदलकर रह रहा था। यह ऑपरेशन ओडिशा और महाराष्ट्र पुलिस संयुक्त रूप से चला रही थी।