56 मुस्लिम देशों के समूह OIC की बैठक में नहीं जाएगा पाकिस्‍तान, सुषमा स्‍वराज उठा सकती हैं आतंकवाद का मुद्दा

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सेंट्रल डेस्क : संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) में इस्‍लामिक सहयोग संगठन (OIC) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. वहीं भारत की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज शामिल होंगी, जिन्‍हें ‘गेस्‍ट ऑफ ऑनर’ के तौर पर आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि सुषमा इस दौरान पुलवामा हमला और आतंकवाद का मुद्दा उठा सकती हैं। लेकिन पाकिस्तान ने इस बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है. भारत-पाकिस्‍तान तनाव के बीच पाकिस्‍तान ने कहा है कि वह संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) में इस्‍लामिक सहयोग संगठन (OIC) बैठक में हिस्‍सा नहीं लेगा।

सुषमा स्वराज एक मार्च को अबू धाबी में बैठक के उद्घाटन सत्र को सम्मानित अतिथि के रूप में संबोधित करेंगी। अधिकारियों ने इस बैठक में भारत को आमंत्रित किए जाने को अरब और मुस्लिम-बहुल देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों में विदेश नीति की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

सुषमा स्वराज आज दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआती पूर्ण बैठक में शामिल होंगी। यह पहली बार है जब भारत को सम्मानित अतिथि के रूप में ओआईसी बैठक में आमंत्रित किया गया है। इस्लामी सहयोग संगठन 56 देशों का प्रभावशाली समूह है।

मुस्लिम देशों के मंच आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के शामिल होने पर कांग्रेस का बड़ा बयान आया है. कांग्रेस महासचिव पीएल पुनिया ने कहा है कि इस्लामिक बहुल देशों के संगठन में सुषमा जी को बुलाना, हिंदुस्तान के लिए सम्मान की बात है. अगर पाकिस्तान नहीं जाना चाहता तो ये उसकी सोच है. हिंदुस्तान का सम्मान बढ़ रहा है तो उससे पाकिस्तान कुंठित है.

पुलवामा हमले और फिर भारत की ओर से बालाकोट में एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान लगातार इसके लिए दबाव बना रहा था कि यूएई भारत को दिया गया आमंत्रण रद्द कर दे, पर यूएई ने उसकी यह मांग नहीं मानी। इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। सुषमा अबु धाबी में इस्लामिक सहयोग संगठन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगी। उन्‍हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने आमंत्रण दिया है।

पाकिस्तान ने मंगलवार को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद कैंप पर भारतीय हवाई हमले के मद्देनजर ओआईसी की बैठक में भारत की भागीदारी पर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। पाकिस्तान से कहा कि 48 साल में पहली बार किसी अभियान को अंजाम देने के लिए भारत के लड़ाकू जेट विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुस आए।

पाकिस्तान के दबाव के कारण इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ओआईसी ने हवाई हमले को “घुसपैठ और हवाई सीमा का उल्लंघन” करार देते हुए इसकी निंदा की और दोनों देशों को बातचीत के जरिए संकट का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान करने की अपील की।

हालांकि ओआईसी से मिले निमंत्रण के प्रतीकात्मक महत्व के कारण भारत पाकिस्तान की आलोचना की परवाह नहीं कर रहा, क्योंकि 56 सदस्यों वाले इस समूह का संस्थापक सदस्य पाकिस्तान है।