मेरा बूथ-सबसे मजबूत : बोले पीएम- आने वाला चुनाव दो राजनीतिक संस्कृतियों के बीच का है, तैयार रहें सब

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सेंट्रल डेस्क : बीजेपी के मेरा बूथ, सबसे मजबूत कार्यक्रम की शुरुआत हुई. पीएम नरेंद्र मोदी एक करोड़ से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ताओं, वालंटियरों अन्य विशिष्ट नागरिकों से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए बातचीत की. बीजेपी का दावा है कि यह दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंस है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाखों बीजेपी कार्यकर्ताओं और समाज के अलग-अलग तबकों से ‘नमो एप’ से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सीधा संवाद किया।

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि ‘भारत के मन की बात’ के अंतर्गत प्रत्येक देशवासी अपने मन की बात सीधे मुझ तक पहुंचा सकता है. आप सुनिश्चित करें कि आप के बूथ के ज्यादा से ज्यादा लोग अपने सुझाव दें. इससे हमारा 2019 का संकल्प पत्र सही मायने में जनता का संकल्प पत्र बन जाएगा.

मेरा बूथ, सबसे मजबूत कार्यक्रम में पीएम मोदी द्वारा कहीं गईं बड़ी बातें

उन्होंने कहा कि इस समय देश की भावनाएं एक अलग स्तर पर हैं। देश का वीर जवान सीमा पर और सीमा के पार भी अपना पराक्रम दिखा रहा है। पूरा देश एक है और हमारे जवानों के साथ खड़ा है। दुनिया हमारी इच्छा शक्ति को देख रही है। देश की सुरक्षा और सामर्थ्य का संकल्प लेकर हमारा जवान सीमा पर डटा है। हम सब पराक्रमी भारत के नागरिक है, इसलिए हम सबको भी देश की समृद्धि और सम्मान के लिए दिन रात एक करना होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारा देश नई नीति और नई रीति के साथ अपनी क्षमताओं का विस्तार करने में जुटा हुआ है। भारत का युवा आज उत्साह से परिपूर्ण है, देश के किसान से लेकर देश के जवान तक सभी को ये विश्वास मिला है कि नामुमकिन अब मुमकिन है। भारत को अस्थिर करने के लिए आतंकी हमले के साथ-साथ दुश्मनों का एक मकसद ये भी होता है कि हमारी प्रगति रुक जाए हमारी गति रुक जाए हमारा देश थम जाए उनके इस मकसद के सामने हर भारतीय को दीवर बन कर के खड़ा होना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा देश आज एक है और हमारे जवानों के साथ खड़ा है। हमारी सेनाओं के सामर्थ्य पर हमें भरोसा है इसलिए बहुत आवश्यक है कि कुछ भी ऐसा न हो जिससे उनके मनोबल पर आंच आए। या हमारे दुश्मनो को हमारे पर ऊँगली उठाने का मौक़ा मिल जाए। ‘भारत के मन की बात’ के अंतर्गत प्रत्येक देशवासी अपने मन की बात सीधे मुझ तक पहुंचा सकता है।

आप सुनिश्चित करें कि आप के बूथ के अधिक से अधिक लोग अपने सुझाव दें। इससे हमारा 2019 का संकल्प पत्र सही मायने में जनता का संकल्प पत्र बन जाएगा। आज जब हम न्यू इंडिया और 21वीं सदी की बात कर रहे हैं तो इसमें फर्स्ट टाइम वोटर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में बूथ कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने बूथ के सभी फर्स्ट टाइम वोटर से संपर्क करें।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मूलमंत्र है सत्ता और विपक्ष के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा। इसका पहला पाठ हम अपनी पार्टी के भीतर ही सीखते हैं। ऐसे में सभी बूथ कार्यकर्ताओं के बीच भी एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। 2014 से 2019 का समय आवश्यकताओं को पूरा करने का था, जबकि 2019 से 2024 का समय आकांक्षाओं की पूर्ति करने का काल है।

2014 से 2019 बुनियादी जरूरतों को हर घर पहुंचाने का समय था, जबकि 2019 से 2024 का समय तेज उन्नति के लिए उड़ान भरने का काल है। मैं स्पष्ट कहता हूं कि 2014 का चुनाव देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मिला जनमत था और 2019 का चुनाव भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलने वाला जनमत होगा।

एक कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पूरब हो या पश्चि म हो, सबके लिए काम किया है। मुझे पता है कि आनेवाले चुनावों में हमें बहुत बड़ी सफलता मिलने वाली है। आने वाला चुनाव दो राजनीतिक संस्कृतियों के बीच का है। एक संस्कृति भाजपा की है, जहां हर काम लोकतांत्रिक तरीके से होता है। दूसरी संस्कृति कांग्रेस समेत अन्य दलों की है, जहां हर काम वंशवाद के आधार पर तय होता है।

हमारी पार्टी एक कैडर बेस्ड पार्टी है, इसलिए पार्टी और सरकार दोनों के लिए कार्यकर्ताओं का फीडबैक बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसी के आधार पर सरकारी योजनाओं को जमीन पर साकार करना भी आसान होता है, जो हम मौजूदा कार्यकाल में लगातार करते आए हैं।पीएम ने कहा कि दक्षिण में भी हमें जीत मिलेगी क्योंकि आज आंध्रप्रेदश, तमिलनाड़ु और कर्नाटक हर जगह जनता वहां की सरकार से परेशान है। पीएम ने चंद्रबाबू नायडू और एलडीएफ व यूडीएफ पार्टियों पर भी तंज किया।

बंगाल के एक कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कॉन्फिडेंस मेरे स्वाभाव का हिस्सा है। आपको बताना चाहूंगा कि मीडिया का हमारे लिए एक फिक्ड्ें सायकिल है। चुनाव से पहले मीडिया कहती है कि भाजपा के लिए यह चुनौती है। लेकिन हमें भी मीडिया को कोसने से ज्यादा इसे चुनौती के रुप में स्वीकार करना चाहिए।

आज ये महामिलावट बनी है सिर्फ कांग्रेस के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए है। वे अन्य दल के नेताओं को साथ लाने के जितना झुक सकें उतना झुक रहे हैं। लोग शायद भूल गए हैं कि कभी कांगेस ने घमंड में कहा था कि हमें किसी की जररूत नहीं। हम अकेले काफी है। ये आज फिर क्याक हो रहा है। ये महामिलावट तेल और पानी का मेल है।

सोशल मीडिया के महत्व पर पीएम मोदी ने कहा कि यह लोगों को एकसाथ लाने एक मंच पर लाने में बहुत महत्वपूर्ण है पर इसके साथ कई सावधानियों को भी अपनाने की जरूरत है। विपक्ष आपको बहकाने की नकारात्म क बातें बताने की कोशिश करेगा पर आपको सकारात्मक रहना है। आप फेक न्यूज पर विश्वास न करें। नकारात्म कता को फॉरवर्ड नहीं बल्कि् डिलीट करें। हमें चौकन्ना रहना है। दुश्मन देश भी नकारात्मकता फैला सकता है। हमें संभल कर रहना है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिस पर आम व्यक्ति को भी अपनी बात कहने का अधिकार है. मोदी ने कहा कि 2019 में भी सोशल मीडिया और हमारे वॉलिंटियर्स का योगदान रहेगा.

कुंभ में स्नान और सफाईकर्मियों के पैर धोने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री निवास में रहने जा रहा था तो लोगों ने कहा कि कुछ पूजा वगैरह करवा लेते हैं पर मैंने कहा कि चतुर्थ वर्ग का कोई कर्मचारी हो और वो दलित हो और उसकी कोई बिटिया हो तो उसी के हाथ से पूजा कराओ। और हमने ऐसा ही किया भी। आज जब मैंने कुंभ में सफाईकर्मियों के पैर धोए तो लोग कह रहे हैं चुनाव के लिए किया है। वो लोग मुझे ठीक से नहीं जानते। मैं ये सब पब्लिसिटी के लिए नहीं करता।

गुजरात के कार्यकर्ताओं के सवाल पर पीएम ने कहा कि मध्यम वर्ग को भड़काने और उकसाने की इनकी पुरानी आदत रही है। लेकिन आपने देखा होगा कि नोटबंदी के बाद उत्तर प्रदेश में चुनाव हुए वहां मध्यम वर्ग ने हमे अपार समर्थन दिया और ऐसे ही जीएसटी के बाद गुजरात में चुनाव हुए वहां व्यापारियों ने हमे अपना पूरा समर्थन दिया।

मध्यम वर्ग देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है। सही मायने में यह देश की रीढ़ है। मध्यम वर्ग देश के लिए बहुत कुछ करता है, बदले में उसे बहुत कुछ नहीं चाहिए, लेकिन इसके बाद भी वो दशकों तक उपेक्षित रहा, हमारी सरकार ने ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे मध्यम वर्ग को राहत मिले।

अंत में पीएम ने कहा कि जब मन में इच्छा शक्ति हो, दृढ़ संकल्प हो, कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। जब सरकार के लिए जन-जन का महत्त्व हो, जन सहभागिता को प्राथमिकता मिलती हो, तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है।