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बाराबंकी : डीएम ने दिया आदेश तीन दिन में पूरे जिले के 1161 ग्राम प्रधानों के डोंगल बने होने का प्रमाण पत्र मुझे दिया जाए

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शोभित शुक्ला/बाराबंकी। जिलाधिकारी के साथ जब क्षेत्रीय विधायक ने गांव में महाचौपाल लगाई तो सच्चाई सामने आ गई। अधूरी छह सड़कों के साथ सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी ठप मिला। प्रवासी को राशन कार्ड तक नहीं बनाया गया तो पात्र पीएम व सीएम आवास के लिए फरियाद लगाते मिले।

इसे देख डीएम का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कुछ ऐसा ही माहौल डीएम व रुदौली विधायक रामचन्द्र यादव द्वारा बनीकोडर ब्लाक के ग्राम रसूलपुर में लगाई गई महाचौपाल में दिखा। महाचौपाल में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान के पद पर आसीन हुए निर्वाचित हुए पांच महीनें गुजर गए मगर अभी तक प्रधानों के डोंगल तक नहीं बने। इसका उदाहरण स्वयं डीएम डा. आदर्श सिंह ने देखा महाचौपाल में।

रसूलपुर में पांच सड़कों का निर्माण अधूरा बताया गया। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी ठप था। कारण पूछने पर अधिकारियों ने बताया कि ग्राम प्रधान का डोंगल नहीं बना है। फिर क्या था इसे सुनते ही डीएम का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मौजूद डीपीआरओ से कारण पूछा तो वह बगले झांकने लगे। इस पर डीएम ने कहा कि तीन दिनों में पूरे जिले के 1161 ग्राम प्रधानों के डोंगल बने होने का प्रमाण पत्र आप द्वारा मुझे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अधूरी सड़कों के साथ सामुदायिक शौचालय का निर्माण तत्काल पूरा किया जाए। इसके साथ शौचालय को स्थानीय स्वयं सहायता समूह को संचालन के लिए दिया जाए। ग्रामीण हाथ जोड़े खड़े हो गए और बोले कि साहब हमरे पास घर नाही है, हमका आवास नाही मिला। इस पर विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि गांव में 88 लोगों के पात्र होने के बावजूद आवास नहीं मिल सका है। इस पर डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लोगों के नाम अगली सूची में शामिल करके आवास दिलवाया जाए।

शिक्षा व्यवस्था दिखी बेहतर : शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि गांव में संचालित दोनों विद्यालयों में बैग, जूते-मोजे के साथ पाठ्य पुस्तकों का वितरण कर दिया गया है। इसी के साथ विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत सारे कार्य करवा दिए गए हैं। इस प्रकार शासन द्वारा निर्धारित विद्यालयों के लिए सभी 19 पैरामीटर पर खरा उतरने पर डीएम ने विभागीय अधिकारियों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्न प्रासन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस दौरान एक बच्चे को विधायक रामचंद्र यादव ने तो दूसरे बच्चे को डीएम डा. आदर्श सिंह ने खीर खिलाकर अन्नप्रासन कराया। चौपाल के दौरान सीडीओ एकता सिंह के साथ ही सभी विभागाों के विभागाध्यक्ष के साथ एसडीएम जितेंद्र कटियार, तहसीलदार दयाशंकर त्रिपाठी, प्रज्ञा त्रिवेदी, डा. संदीप तिवारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक भोला नाथ कनौजिया ने किया।

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महाचौपाल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गांव में तीन हैण्डपम्प खराब है जिसकी रीबोरिंग होनी है। ग्रामीणों ने कहा कि हैण्डपम्प खराब होने से पेयजल संकट रहता है। इस पर डीएम डा. आदर्श सिंह ने मातहतों से पूछा कि महीनों से खराब हैण्डपम्प की रीबोरिंग क्यों नहीं हुई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या हैंडपंप के रिबोर के लिए किसी खास मुहूर्त का इंतजार किया जा रहा है। आखिर क्यों नहीं हैण्डपम्पों को अभी तक ठीक कराया गया। इसे लेकर उन्होंने मौजूदा ग्राम प्रधान तथा सचिव को कड़ी फटकार लगाकर तत्काल हैण्डपम्प रिबोर कराने के निर्देश दिए।

गांव के निवासी राम बहादुर ने खड़े होकर बताया कि साहब, देहरादून में नौकरी करता था। मगर कोरोना के कारण एक वर्ष पहले गांव वापस लौट आया था। उसने कहा कि अभी तक राशन कार्ड तक नहीं बनाया गया। कई बार आवेदन किया। इतना ही नहीं रोजगार नहीं मिल रहा है, क्योंकि जाब कार्ड भी नहीं बना है। ऐसे में भुखमरी की स्थिति है।

यही नहीं बेटे का प्रवेश सरकारी विद्यालय में भी नहीं किया जा रहा है। इस पर नाराज होते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि राम बहादुर के बेटे का तत्काल एडमिशन किया जाए और राशन कार्ड जारी करते हुए जाब कार्ड भी बनाया जाए। डीएम ने अंत में ग्रामीणों से अपील की कि घरों में बनाए गए शौचालय का प्रयोग करें न कि उसमें लकड़ी व कंडा रखें।

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