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यह कानून व्यवस्था का मामला नहीं है, संसद से पास एसपीजी एक्ट के पालन का मामला है : वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह

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सेंट्रल डेस्क/दिवाकर श्रीवास्तव। पंजाब के फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता वकीलों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। यह संसद से पास एसपीजी एक्ट के पालन का मामला है। इसे कोर्ट ने भी मंजूरी दी थी। एक्ट की धारा 14 कहती है कि केंद्र, राज्य और हर सरकारी विभाग को इसके आदेश का पालन करना होगा।

मनिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को बठिंडा से फ़िरोज़पुर जाते समय 20 मिनट रुकना पड़ा। यह बहुत गंभीर बात है। मैं राज्य सरकार पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। इसकी जांच राज्य नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो कमेटी बनाई है उसके अध्यक्ष पर भी सवाल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन में हुए भ्रष्टाचार में उस जज के आदेश को संदिग्ध मानते हुए पलट दिया था।

मनिंदर सिंह ने कहा कि सारे रिकॉर्ड कोर्ट के संरक्षण में लिए जाएं। बठिंडा के जिला जज या कोई और जज एनआईए के सहयोग से ऐसा करे। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा मैं आभारी हूँ कि कोर्ट ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया। यह दुर्लभ मामला है। वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि मेरी मांग है कि सबूतों का संरक्षण हो, सही जांच हो, सुप्रीम कोर्ट निगरानी करे। ज़िला जज एनआईए का सहयोग लें। जवाबदेही तय हो, भविष्य के लिए निर्देश तय किए जाएं।

तुषार मेहता ने कहा कि जब पीएम को सड़क मार्ग से जाना होता है तो एसपीजी डीजीपी से पूछती है। जब सड़क पर ब्लॉक था तो मंजूरी क्यों दी गई। एक कार 500 मीटर आगे चलती है। जो पुलिसवाले प्रदर्शनकारियों के साथ चाय पी रहे थे, उन्होंने उस कार को भी सूचना नहीं दी कि पीएम को आगे आने से रोक दीजिए।

उन्होंने कहा कि वहां धार्मिक जगह से फ़्लाईओवर के दूसरी तरफ भी भीड़ जमा करने की घोषणा हो रही थी। यूएस से चलने वाला एक आतंकी संगठन वीडियो जारी कर रहा है। वहां कुछ ऐसा हो सकता था जो भारत की अंतर्राष्ट्रीय शर्मिंदगी की वजह बनता। तुषार मेहता ने कहा कि अमेरिका से चलने वाला एक आतंकी संगठन वीडियो जारी कर रहा है, वहां कुछ ऐसा हो सकता था जो भारत की अंतर्राष्ट्रीय शर्मिंदगी की वजह बनता।

तुषार मेहता ने कहा कि हम पंजाब की तरफ से बनाई गई कमेटी के पक्ष में नहीं हैं। उसमें गृह सचिव हैं जो खुद भी संदिग्ध हो सकते हैं, कोर्ट सारे रिकोर्ड अपने पास ले। पंजाब के एडवोकेट जनरल डीएस पटवालिया ने कहा कि हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। हमने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की कमेटी बनाई है। कल फिरोजपुर में एफआईआर भी दर्ज की गई है। केंद्र ने भी एक कमेटी बनाई है। राज्य के अधिकारियों को तलब किया गया है।

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उन्होंने अपनी हार को स्वीकार नहीं करते हुए गठबंधन के नेताओं को दोषी ठहराया जा रहा है, यह कहीं से उचित नहीं है। जबकि सांसद राधामोहन सिंह पूर्वी चंपारण जिले के लोकप्रिय और सर्वमान्य नेता हैं। मौके पर सुरेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर गुप्ता, ब्रह्मदेव प्रसाद गुप्ता, राजेश गुप्ता एवं रामबाबू प्रसाद आदि मौजूद थे।

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