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शिवपाल खेमे के दिग्गजों के प्रति नरम हुए अखिलेश

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पूर्वमंत्री शादाब फातिमा और शिवकुमार बेरिया को बुलाकर की बात
-भविष्य तलाशने को लखनऊ में प्रसपा की मीटिंगों का दौर जारी
-रघुराज शाक्य, अरुणा कोरी, वीरपाल एवं जयवीर से भी करेंगे बात
महेश शर्मा/चुनाव डेस्क।
प्रसपा (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव की अखिलेश यादव के समक्ष सरेंडर नीति के चलते पूरी तरह बिखर चुकी पार्टी के कुछेक दिग्गजों के प्रति सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नरमी दिखाते हुए उनसे अलग-अलग बातचीत की और उनकी बात सुनी।

अखिलेश ने शुक्रवार की शाम पूर्व मंत्री शादाब फातिमा और शिवकुमार बेरिया से बातचीत की। शादाब जहूराबाद से टिकट चाहती हैं। सूत्र बताते हैं कि अखिलेश ने शादाबा फातिमा को आश्वस्त करते हुए कहा कि शनिवार को ओमप्रकाश राजभर से बातचीत के बाद वह विचार करेंगे। मालूम हो कि इस पर राजभर का दावा है। बेरिया से अखिलेश की नाराजगी जगजाहिर है। बेरिया ने उनसे अपना पक्ष रखकर न्याय की बात कही। 

उनका कहना है कि उनके बारे में अखिलेश को गलत फीड किया गया है। टिकट देना या न देना अखिलेश की मरजी पर है लेकिन वह भ्रम को दूर करने के लिए मिलना चाहते हैं। बकौल बेरिया अखिलेश ने उन्हें रविवार को 12 बजे का समय दिया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को सपा ने फिलहाल दो सीटों जसवंतनगर व गुन्नौर पर रोक दिया है। सीटों पर समझौता कर चुके शिवपाल के साथी दिग्गज नेताओं को उनका भविष्य अंधकार में दिख रहा है। इस बातचीत से कुछ उम्मीद जगी है।

45 साल से चुनावी राजनीति में सक्रिय समाजवादी नेता पूर्वमंत्री शिवकुमार बेरिया तो कहते हैं कि शिवपाल के कारण उनका राजनीतिक भविष्य अंधकार में आ गया है। शिवपाल ने अखिलेश से बेरिया की मीटिंग करायी है। सपा छोड़कर शिवपाल के साथ जाने वाले प्रमुख नेताओं में पूर्वमंत्री बेरिया, अरुणा कोरी, शादाब फातिमा, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, पूर्व विधायक वीरपाल यादव, जयवीर यादव आदि ऐसे नाम हैं जो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

कहा जा रहा है कि इनमें किसी को टिकट मिल भी पाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। हालांकि शिवपाल यादव ने इन सबसे कहा है कि उन्होंने तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास इन लोगों के नाम भेजे थे। इसके बाद क्या हुआ? वह नहीं बता पा रहे हैं। मालूम हो कि सीट बंटवारे की मीटिंग में शिवपाल अपने पुत्र आदित्य यादव के साथ पहुंचे थे, तब यही सामने आया था।
शिवपाल यादव अब तक अखिलेश को इतना ही समझा पाए हैं कि पुराने समाजवादियों से बातचीत कर लें। उनका दर्द सुन लें। टिकट देना या न देना खुद तय करें।

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अपने करीबियों वरिष्ठ नेताओं की घेरेबंदी को देखते हुए अब शिवपाल अलग-अलग लखनऊ में इन नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। एक सवाल के जवाब में बेरिया कहते हैं कि भाजपा उनके संपर्क में है। पर वहां पहले ज्वाइनिंग की बात कही जा रही है। वह कहते हैं कि समाजवादी विचारधारा से उन्हें कोई कैसे अलग कर पाएगा। जीवन भर इसी पर चले हैं। उन्होंने माना कि शिवपाल की वजह से उनका राजनीतिक भविष्य अंधकार में आ गया है।

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