32.1 C
Delhi
HomePoliticsनाथूराम गोडसे था आजाद भारत का पहला आतंकी : मनोज झा

नाथूराम गोडसे था आजाद भारत का पहला आतंकी : मनोज झा

- Advertisement -

आकांक्षा यादव/स्टेट डेस्क। आरजेडी सांसद मनोज झा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है कि पहले की सरकार तुष्टीकरण की राजनीति करती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। इसके अलावा भी उन्होंने बहुत कुछ कहा जो अशोभनीय, घटिया, गैरसंसदीय और हमारी परंपराओं के अनुरूप नहीं है। राजद सांसद ने अपना एक वीडियो ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसमें वे ये बातें कहते हुए नजर आ रहे हैं।

राजद सांसद ने कोविड काल में हुई लाखों लोगों की मौत के लिए यूपी के मुख्‍यमंत्री को जिम्‍मेदार ठहराया। उन्‍होंने कहा कि शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और रोजगार के मसले पर बताने के लिए उनके पास कोई उपलब्‍धि‍ नहीं है। अगर वे अब्‍बाजान और मुस्लिम तुष्‍टीकरण जैसे विषय उठाकर चुनाव जीतना चाहते हैं तो वे बड़ी चूक कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि चुनाव के मसले इस बार जनता तय करेगी। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश के चुनाव के लिए भाजपा को बंगाल और बिहार के चुनावों से सीखना चाहिए।

मनोज झा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ आतंकवाद की बात करते हैं लेकिन आजाद हिंदुस्तान का पहला आतंकवादी नाथू राम गोडसे था, तो उसके बारे में बात कीजिये। उसकी मां कौन थी, पिता कौन थे, इस पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं।योगी आदित्यनाथ तुष्टीकरण की बात करते हैं लेकिन उनसे अधिक तुष्टीकरण की राजनीति कौन करता है। कोविड में कोई मुख्यमंत्री अगर लाखों मौत का जिम्मेदार है तो वह योगी आदित्यनाथ हैं। मैं मानता हूं कि उनका पूरा का पूरा वर्ल्ड व्यू मठ से निर्धारित होता है, उत्तर प्रदेश उनके बस का नहीं है।

राजद सांसद ने कहा कि भाजपा को सोचना चाहिए कि बिहार में उनकी जीत भले हो गई, लेकिन जीत का फासला कितना कम है। उन्‍होंने भाजपा को देश को 75 साल पीछे ले जाने का आरोप लगाया। कहा कि आजादी के बाद हमने अपने पड़ोसी के मुकाबले अलग और समावेशी रास्‍ता अपनाया। हमने हर क्षेत्र में उनसे लंबी लकीरें खींचीं, लेकिन अब सब कुछ खत्‍म हो गया है।

झा ने कहा कि चुनाव किन मुद्दों पर होते हैं स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा एवं रोजगार इन तीनो पर योगी जी अपनी उपलब्धियां गिना दें तो मैं मान जाऊं। आगे उन्होंने कहा कि मुद्दे जनता तय करेगी। उन्होंने कहा कि आज हमारे हिंदुस्तान के लिए एक ऐसा समय है जब क्या राजद, क्या सपा, क्या कांग्रेस और क्या भाजपा सबको सोचना चाहिए कि हम क्या गढ़ रहे हैं। ये जो हम गढ़ रहे हैं ये आधुनिक भारत की संकल्पना के ठीक विपरीत है। ये बिलकुल वैसी चीज़ हुई कि बंटवारे के बाद हमने सोचा था कि पड़ोसी अपनी नियति चुने, हमारी नियति इन्क्लूसिव होगी।

यह भी पढ़ें…

राजद सांसद ने कहा कि हम मेलजोल की संस्कृति के आधार पर आगे बढ़ेंगे। लेकिन, देखिये इन्होने 75 वर्ष बाद उसी जगह पर खड़ा कर दिया जहां आजादी के बाद हमने सारी लकीरें लम्बी खींच दी थीं। इसलिए भाजपा के लिए सोचने का समय है। हमें बंगाल से कुछ सीखना चाहिए और बिहार से भी सीखना चाहिए। मैं सिर्फ यही कहूंगा कि कोविड ने हर घर को क्षति पहुंचाई है। उस पर मलहम की जरूरत थी, जख्म पर नमक की जरूरत नहीं थी। ये तो नमक के सौदागर हैं और नमक ही छिड़क सकते हैं।

- Advertisement -


- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -