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किसी भी राज्य ने मौत का आंकड़ा नहीं भेजा, विपक्ष में संवेदनशीलता की कमी : भाजपा

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सेंट्रल डेस्क (दिवाकर श्रीवास्तव)। केंद्र सरकार के ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं होने वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। वहीं सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

संबित पात्रा ने कहा कि किसी भी राज्य ने नहीं कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई है। राज्यों ने मौत के बारे में कोई आंकड़ा भेजा ही नहीं तो क्या जानकारी दी जाएगी। विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल का दोहरा रवैया सामने आया है। राहुल गांधी इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं। संबित पात्रा ने शिवसेना नेता संजय राउत पर भी तंज कसा। पात्रा ने कहा कि संजय राउत झूठ का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।

दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, संजय राउत समेत अन्य नेताओं पर आरोपों की झड़ी लगा दीं। संबित पात्रा ने कहा कि चाहे महामारी, चाहे वैक्सीन का विषय हो हर विषय में झूठ बोलना, हर विषय में भ्रम फैलाना और हर विषय में लोगों को बरगलाना, ये राहुल गांधी जी ने एक ट्विटर ट्रोल के रूप में काम करते हुए किया है। 

राज्यों से आई रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय मंत्री ने सदन में यह बात कही थी। केंद्र द्वारा डेटा तैयार नहीं किया जाता। राज्यों के आंकड़ों के आधार पर केंद्र ने सदन में जवाब दिया। विपक्ष बेवजह इस मामले पर राजनीति कर रहा है। विपक्ष में संवेदनशीलता की भारी कमी है। 

केजरीवाल और सिसोदिया बताएं कि केंद्र को उन्होंने क्या डेटा भेजा?

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आप सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बताएं कि क्या आपकी सरकार ने केंद्र को जो आंकड़े दिए हैं, उसमें से एक भी मरीज की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। पात्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार की समिति ने उच्च न्यायालय को बताया था कि इस बात को साबित करने के कोई सबूत नहीं है कि 23 और 24 अप्रैल की रात जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से करीब जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से करीब 21 लोगों की मौत हुई।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने भी बंबई उच्च न्यायालय से कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने भी इसी प्रकार के दावे किए। उन्होंने कहा कि गांधी को ट्विटर पर ‘‘झूठ बोलने’’ के बजाए उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करनी चाहिए, जहां उनकी पार्टी सत्ता में है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों ने दूसरी लहर में ऑक्सीजन संकट के कारण मरीजों की मौत का मामला उठाया था, क्योंकि वे मोदी सरकार को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने अदालतों के समक्ष अपने अभिवेदन में अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि वे केवल पूरे मामले पर राजनीति करना चाहते हैं।

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पात्रा ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केंद्र सरकार ने उनके हाथ बांध दिए हैं और जब उनसे लिखित में अभिवेदन देने को कहा गया था, तो उन्हें सच बोलना चाहिए था। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लोगों को वहां भी दिक्कत हुई होगी, लेकिन उन्होंने विपक्ष शासित राज्यों की तरह न तो आरोप लगाए और ना ही वहां इस तरीके से मामले उच्च न्यायालयों में पहुंचे।

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