जानें कब है महाशिवरात्रि, क्यों करते हैं इसका व्रत और क्या है इसका महत्व

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सेंट्रल डेस्क : फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि दिनांक 04 मार्च दिन सोमवार को है। भगवान शिव जगत पिता हैं। माता पार्वती जगत माता हैं। इस महापर्व का सोमवार का पड़ना एक बड़ा सुखद संयोग है। श्रवण नक्षत्र तथा सोमवार का बन रहा है जो कि बहुत ही शुभ संयोग है।

इस वर्ष शिवरात्रि का पावन पर्व श्रवण नक्षत्र में पड़ रहा है। श्रवण का स्वामी चंद्रमा होता है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी है। चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित होते हैं। इस दिन सोमवार भी है।

इस प्रकार यह तीन महासंयोग अद्भुत है जो कि बहुत ही मुश्किल से मिलता है। इस प्रकार इस वर्ष यह महापर्व बहुत ही शुभकारी और मंगलकारी है। इस पर्व पर हम सब बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं और उनकी श्रद्धा में व्रत भी रखते हैं.

व्रत का महत्व

महाशिवरात्रि पर व्रत रखने से आपके समस्त पाप दूर हो जाते हैं और आत्मा की शुद्धि होती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन जहां- जहां भी शिवलिंग स्थापित है, वहा भगवान शिव का आगमन अवश्य होता है.

अगर महाशिवरात्रि के दिन सच्ची श्रद्धा से व्रत किया जाए तो भगवान शिव आपके सभी कष्टों का हरण कर लेते हैं. बता दें, महाशिवरात्रि का व्रत सबसे प्रभावशाली और लाभकारी व्रत माना जाता है.