4 करोड़ किसानों को मिला फसल बीमा योजना का लाभ

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Desk : प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत मिलने वाली रकम में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे लोगों को बजट से निराशा हाथ लगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले वित्त वर्ष के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए इस संबंध में कोई ऐलान नहीं किया. दरअसल पीएम किसान योजना की शुरुआत भी अंतरिम बजट में हुई थी, इस कारण रकम बढ़ाए जाने के कयास तेज थे.

पीएम किसान योजना की शुरुआत पांच साल पहले की गई थी. फरवरी 2019 में बजट पेश करते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पीएम किसान योजना का ऐलान किया था. दिलचस्प बात ये है कि वह बजट भी अंतरिम बजट था, जो मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के समाप्त होने से ऐन पहले पेश किया गया था. उसके बाद यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट आया है.

पीएम किसान योजना के डैशबोर्ड के अनुसार, अभी 9 करोड़ से ज्यादा छोटे किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. इस योजना के तहत हर साल छोटे किसानों को केंद्र सरकार की ओर से 6-6 हजार रुपये की मदद दी जाती है. यह मदद हर चार महीने में किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाती है. किसानों को तीन बार में 2-2 हजार रुपये की किस्त में इसका भुगतान किया जाता है. अगस्त-नवंबर 2023 की अवधि के लिए 9,07,52,758 किसानों को दो-दो हजार रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त का भुगतान मिला था.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि पीएम-किसान योजना के तहत 11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता मिली है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश भर के किसानों को मौजूदा सरकार ने काफी मदद पहुंचाई है. सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 4 करोड़ किसानों की सहायता हुई है. पिछले बजट में योजना को 13,625 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे.

उन्होंने इस दौरान बताया कि अब 1,361 ई-मंडियों को ई-नाम के तहत इंटीग्रेट किया गया है. इससे 3 लाख करोड़ रुपये के टेडिंग वॉल्यूम को सपोर्ट मिल रहा है. किसानों से फसलों की सरकारी खरीद भी बढ़ रही है. 2023-24 में किसानों से 38 लाख मीट्रिक टन चावल और 262 लाख टन गेहूं की खरीद की गई है. उन्होंने नैनो यूरिया की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब नैनो डीएपी की पहल शुरू करने की तैयारी चल रही है.