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‘बाजरा’ तय करेगा उन्नाव जिला पंचायत अध्यक्ष कौन, सपा के बैठने से अब भाजपा बनाम भाजपा

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उन्नाव: उत्तर प्रदेश में 75 में से 53 जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए तीन जुलाई को मतदान किया जाना है। बाकी सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो चुका है। सबसे ज्यादा पेच उन्नाव और जालौन में फंसा बताया जाता है। उन्नाव में सपा की मालती रावत के चुनाव मैदान से हट जाने के बाद अब अरुण और शकुन में सीधी टक्कर है।

हालांकि कहने को तो लगभग सीटों पर भाजपा अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के लिए दांवपेच कर रही है, पर कहा जाता है ‘बाजरा’ की बदौलत वोटों को अपनी-अपनी ओर खींचने की कोशिशें जारी हैं। आरोप है कि कई जिलों में तो जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। उन्नाव जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव सपा प्रत्याशी मालती रावत के चुनाव मैदान से हट जाने के बाद यहां भाजपा वर्सेज भाजपा के बीच चुनाव होना लगभग तय है। हालांकि भाजपा स्टेट लीडरशिप की अभी भी कोशिश है कि शकुन निर्विरोध घोषित हो जाएं। चुनाव प्रबंधन में अरुण सिंह अपेक्षाकृत मजबूत बताए जाते हैं। इनके पक्ष में विधायक पंकज गुप्ता, बंबालाल दिवाकर, सांसद साक्षी महाराज खुलकर सक्रिय है। बल्कि अरुण को प्रत्याशी बनाने में भी इन्हीं लोगों की भूमिका बतायी जाती है।

भाजपा विद्रोही प्रत्याशी अरुण सिंह के पक्ष में वोट जुटाने में व्यस्त भाजपा नेता शक के दायरे में आ चुके हैं। यहां से भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी शकुन सिंह हैं। आरोप है कि पक्षपात का खेल उन्नाव में खुल्लमखुल्ला चल रहा है। सपा प्रत्याशी रहीं मालती रावत का दल के सभी पदों से मुक्त किए जाने के बाद उनका प्रत्याशिता से पृथक होने का सपा जिलाध्यक्ष को भेजा गया पत्र के बाद तो समीकरण थोड़ा बदल गए हैं।

मालती रावत प्रभावशाली प्रत्याशी बतायी जाती हैं। तभी तो सपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था। पर न जाने किस लालच में नामांकन वापसी वाले रोज वह भाजपा कार्यालय में देखी गयी जिसे उन्होंने स्वीकारा भी। ऐसे में सपा विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर पार्टी ने सभी पदों से मुक्त कर दिया। बाद में मालती ने खुद ही जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और चुनाव से भी खुद को पृथक कर लिया। फिलहाल भजापा विद्रोही प्रत्याशी अरुण सिंह के पक्ष मालती के भी वोट जुटाए जा रहे हैं। सपा समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को अरुण के पक्ष में लाने की कोशिशें तेज हो गयी हैं। दोनों में कील कांटे की टक्कर है।

उन्नाव में डिवाइन सिटी प्रोजेक्ट केजमीन विवाद में एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। बताया जाता है कि सदर विधायक इस प्रोजेक्ट में परोक्ष रूप से इनवाल्व हैं। सात बीघा जमीन ग्राम समाज की भी इसमें मिला ली गयी थी। कोर्ट के आदेश से कल पैमाइश हुई थी। डिवाइन सिटी के मालिकों पर 11 लाख का जुर्माना भी ठोंका जा चुका है। यह मामला कोर्ट में है।

उधर जालौन में कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला सोनकर को समाजवादी पार्टी का समर्थन मिल गया है। उर्मिला का आरोप है कि जिला प्रशासन भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट जुटाने में सक्रिय है। उनके वोटरों को रोकने की कोशिश अभी से जारी है।

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