BIG BREAKING : CBSE घोषित की 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अंक निर्धारण की नीति

सेंट्रल डेस्क/नयी दिल्ली : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE ) ने वर्ष 2021 की बोर्ड की 10वीं कक्षा के परिणामों के लिये अंक निर्धारण की नीति शनिवार को घोषित कर दी । याद रहे कि देश में कोविड-19 महामारी के चलते 10वीं की बोर्ड परीक्षाएँ रद की जा चुकी हैं । नीति के मुताबिक प्रत्येक विषय में हर साल की तरह 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन जबकि 80 प्रतिशत अंक पूरे वर्ष के दौरान हुईं विभिन्न परीक्षाओं के आधार पर दिये जाएंगे। सीबीएसई ने रद्द हो चुकीं 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं की परिणाम सारणी तैयार करने के लिये स्कूलों को आठ सदस्य समिति गठित करने का निर्देश दिया है। सीबीएसई दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के परिणाम 20 जून तक घोषित किए जाएंगे। 


सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ”स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा प्रदान किये गए अंक 10वीं की पिछली बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल के प्रदर्शन के अनुरूप हों। स्कूलों को परिणामों को अंतिम रूप देने के लिये प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में आठ सदस्यीय समिति गठित करनी होगी। ” उन्होंने कहा, ”मूल्यांकन में पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने में संलिप्त स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाएगा या फिर उनकी संबद्धता रद्द कर दी जाएगी।” 

सीबीएसई पॉलिसी के अनुसार, सीबीएसई मूल्यांकन में पक्षपात और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने में संलिप्त पाए गए स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी संबद्धता खत्म कर दी जाएगी। छात्र का एसेसमेंट प्रत्येक सब्जेक्ट के कुल 100 अंकों में से 20 अंकों का होगा। 80 अंक ईयर-इंड एग्जाम के लिए निर्धारित हैं। छात्रों का 20 अंकों लिए यह इंटरनल एसेसमेंट उनके स्कूलों द्वारा तैयार किया जाएगा। ज्यादातर स्कूलों इंटरनल एसेसमेंट का डेटा सीबीएसई के पोर्टल पर अपलोड कर चुके हैं। शेष स्कूलों को भी हर हाल में 11 जून 2021 तक इंटरनल एसेसमेंट का डेटा अपलोड कर देना होगा।

सीबीएसई पॉलिसी के अनुसार, परीक्षाएं रद्द होने के कारण शेष 80 मार्क्स का डेटा भी स्कूलों को ही तैयार करना होगा। इसके लिए स्कूल द्वारा एक साल के दौरान आोजित किए गए विभिन्न टेस्ट/परीक्षा को आधार बनाया जाएगा। ये मार्क्स स्कूल की पिछली परीक्षा के समान होंगे। प्रत्येक स्कूल में रिजल्ट तैयार करने के लिए एक समिति बनेगी जिसमें स्कूल प्रिंसिपल और 7 शिक्षक शामिल होंगे। यह समिति ही रिजल्ट को फाइनल रूप देगी। पांच शिक्षक स्कूल के विभिन्न विषयों (मैथ्स, सोशल साइंस और साइंस व दो भाषाओं के) के होंगे और दो शिक्षक पास के स्कूल से होंगे।