Big news: किसान आंदोलन के बीच रिलायंस ने कहा – अनुबंध पर खेती के व्यवसाय में कोई योजना नहीं

-टावरों में तोड़फोड़ के मामले में रिलायंस ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर लगाई सुरक्षा की गुहार



सेंट्रलडेस्क/ नयी दिल्ली: कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर सरकार और आंदोलकारियों में आंठवे दौर की समझौता वार्ता के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर गुहार लगाई है कि उसके टावरों और अन्य सम्पतियों को सुरक्षा प्रदान की जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि उसकी अनुबंध के आधार पर किसानी के व्यवसाय में कोई रुचि नहीं है।

उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनो के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थी कि प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा रिलायंस जियो के टावरों में तोड़फोड़ करने हुई है। कंपनी ने अपनी संपत्ति और सुविधाओं की रक्षा के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि वह न तो किसानों से खाद्यान्नों की सीधी खरीद करती है और न ही वह अनुबंध पर खेती के व्यवसाय में है।

इन दोनों राज्यों में कई किसानों ने कृषि कानून के खिलाफ अपना गुस्सा कथित तौर पर रिलायंस जियो के टावरों पर निकाला है। प्रदर्शनकारी किसानों ने टावरों की बिजली बंद कर दी थी और केबल काटने के साथ जियो टावर के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया था। प्रदर्शनकारी किसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को नये कृषि कानूनों का लाभार्थी मान उसका विरोध कर रहे हैं। कृषि कानून के खिलाफ एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों को डर है कि ये कानून उनके लिए लंबी अवधि हानिकारक होगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने टावरों में तोड़फोड़ की घटना को गंभीरता से लेते हुए तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की थी और पुलिस से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने को कहा था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बयान जारी कर कहा कि उसकी अनुषंगी रिलायंस जियो इंफोकॉम ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर असामाजिक तत्वों के द्वारा तोड़-फोड़ की अवैधानिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिये सरकारी प्राधिकरणों के तत्काल दखल की मांग की है।