बिहार सरकार किसानों की गेहूं खरीद अविलंब सुनिश्चित करें- किसान महासभा

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: पश्चिम चम्पारण जिला सहकारिता पदाधिकारी सह कॉपरेटिव बैंक के प्रबंधक निदेशक का 44 पैक्सों में सरकारी दर पर गेहूं खरीद संबंधी बयान झूठ का पुलिंदा है। जिला में किसी भी पैक्स या व्यापार मंडल में किसानों की गेहूं की खरीद नहीं हुई है। पैक्स और व्यापार मंडल के अध्यक्ष यह कहते हुए गेहूं खरीद से इनकार कर दिया हैं कि एसएफसी या एफसीआई को गेहूं खरीद का कोई स्पष्ट मानक नहीं है। विगत वर्ष प्रशासनिक पदाधिकारियों के दबाव में 16 पैक्सों ने गेहूं खरीद किया, लेकिन एसएफसी ने मानक में गड़बड़ी का मामला दिखा गेहूं लेने से इंकार कर दिया।


जिसमें 16 पैक्स अध्यक्षों पर प्राथमिकी भी हुई है। उपर्युक्त जानकारी अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य व भाकपा-माले नेता सुनील कुमार राव ने जिला सहकारिता पदाधिकारी के गेहूं खरीद संबंधी बयान पर दिया है। श्री राव ने कहा कि को-ऑपरेटिव व व्यापार मंडल के अध्यक्ष खरीद किए धान के चावल एफसीआई गोदामों में नहीं लेने का रोना रो रहे हैं। यहां ज्ञात हो कि जिला में एफसीआई के चार गोदामों के मात्र एक ही एजीएम है जो कभी बेतिया, बगहा, नरकटियागंज और चनपटिया रहते है।

जिससे अनाज पहूंचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार सभी गोदामों के लिए अलग-अलग एजीएम बहाल नहीं कर रही है, जिससे काफी परेशानी है। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार और प्रशासन कागजों में गेहूं खरीद की काम कर किसानों को गुमराह करने के बजाए सभी पंचायतों में पैक्स, व्यापार मंडल व प्रखंड में सीधे एफसीआई के माध्यम से गेहूं खरीद की अविलंब गारंटी करे। अगर ऐसा नहीं होता है तो अखिल भारतीय किसान महासभा आंदोलन को बाध्य होगा।