Bihar: हिंदी बने संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा

-विश्व हिंदी दिवस पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन



स्टेट डेस्क/ पटना: सांस्कृतिक संस्था नवगीतिका लोक रसधार द्वारा वैश्विक भाषा हिंदी विषयक संवाद कवि गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन नवगीतिका मंच पर किया गया जिसमें विश्व हिंदी दिवस के प्रस्तावक तथा अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि हम सभी को 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाना चाहिए।

हिंदी को विश्व भाषा बनाने तथा संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकृति दिलाने हेतु भारत, मॉरीशस, फिजी, ब्रिटेन, अमेरिका सहित अनेक देशों में अभियान चल रहा है। लेकिन भारतवासियों को इसके लिए सबसे अधिक प्रयास करना होगा। वरिष्ठ साहित्यकार और कवि मुकेश प्रत्यूष ने कहा कि हिंदी भाषा को महात्मा गांधी तथा अन्य महापुरुषों ने भी प्रभावशाली भाषा माना है।

इस भाषा का सम्मान करना अपने राष्ट्र का सम्मान करने जैसा ही है। सचिव नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के विस्तार में विश्व हिंदी सम्मेलनों की प्रमुख भूमिका रही है। इन सम्मेलनों में लिए गए निर्णय के आलोक में मॉरीशस में विश्व हिंदी सचिवालय तथा वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। अनेक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में हिंदी पीठ की स्थापना भी हुई है। 100 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली तथा समझे जाने वाली हिंदी भाषा को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनाने हेतु अभी और प्रयास करने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद की महासचिव डॉ अंशुमाला ने कहा कि भारत के प्रयासों से ही 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

संवाद कार्यक्रम के बाद कवि केशव कौशिक के संचालन में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मधुरेश नारायण, सिद्धेश्वर, मुकेश प्रत्यूष, अमीर हमजा, गौरव सिन्हा, अनिकेत पाठक, संतोष सिंह शेखर सहित अनेक कवियों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने अपनी सुमधु आवाज में बिहार के अनेक पारंपरिक लोक गीतों की प्रस्तुति भी कार्यक्रम में की।