तिरपन सालों से बिना थके बिहार की राजनीति का उतार-चढ़ाव देख रहे शिवानंद को अचानक थकान क्यों हो रहा?

हेमंत कुमार/पटना: पिछले तिरेपन सालों से बिना थके,बिना रूके बिहार की राजनीति के हर उतार-चढा़व के गवाह रहे शिवानंद तिवारी ने आज अपनी थकान का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया ग्रुप में लिखा, ‘मैं थकान अनुभव कर रहा हूँ. शरीर से ज़्यादा मन की थकान है.’


लेकिन तिवारी को जानने वाले कह रहे हैं,’शिवानंद तिवारी उस शख्स का नाम है जो न थकता है ,न रूकता है। अगर वह थकान की बात कह रहे हैं। राजनीति से छुट्टी ले रहे हैं तो समझ लीजिए ,कुछ गड़बड़ है!’

तो क्या तिवारी जी राजद छोडे़ंगे? उन्हें जानने वाले कह रहे हैं,फिलहाल इसकी संभावना कम हैं। लेकिन उनका मौन हो जाना ही राजद के लिए बडा़ नुकसान साबित हो सकता है। राजनीतिक मोर्चे पर राजद के लिए लड़ने-भिड़ने वाला तिवारी जी के अलावा और कोई है क्या? जाहिर है, तिवारी ही वह शख्स हैं जो नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार को ताल ठोक कर जवाब देते हैं। इसीलिए वे मीडिया के भी चहेते हैं।

थकान के ऐलान पर Beforeprint.in से बेहद संक्षिप्त बातचीत में तिवारी ने अपनी पार्टी राजद पर कोई टिप्पणी नहीं की।लेकिन उनकी बातों से साफ हो गया कि राजद में जो कुछ चल रहा है,उससे वह दुखी है। तिवारी ने कहा, उब गये हैं यार! 52-53 साल हो गया। पैसठ में हम जेल गये। पुलिस की लाठी खाये। अब पहले वाली स्थति भी नहीं है। यह पूछने पर कि क्या पार्टी रास्ते से भटक गयी है? उन्होंने कहा, सॉरी! हमने छुट्टी ले ली है , इसलिए इस पर अभी कोई बातचीत नहीं करूंगा!

शिवानंद की बात से स्पष्ट है कि वह दुखी हैं। सवाल उठता है कि क्या उनका दुख निजी है? जानकार कह रहे हैं बिल्कुल नहीं! तिवारी का दुख राजनीतिक है। वे राजद के मौजूदा नेतृत्व यानी तेजस्वी यादव के रवैये से दुखी है। वे लालू के मित्र है। लड़ने और भिड़ने वाले लालू के मित्र। उन्हें मैदान छोड़ने वाले पसंद नहीं हैं। राजद का मौजूदा नेतृत्व जो हर नाजुक मोड़ पर बिहारियों के बीच से नदारद रहा है।

उसने तिवारी जैसे लोगों को अंदर से आहत किया है। निजी बातचीत में तिवारी अपने मन की बात साझा भी करते रहे हैं। जाहिर है सोशल मीडिया में थकने और उबने की बात सार्वजनिक करने वाले तिवारी ने अपने मन की बात लालू यादव से भी की ही होगी। जानकारों का कहना है कि तेजस्वी के रवैये से खुद लालू यादव भी दुखी चल रहे हैं।

पढि़ए, सोशल मीडिया ग्रुप में शिवानंद ने क्या लिखा

थकान अनुभव कर रहा हूँ. शरीर से ज़्यादा मन की थकान है. संस्मरण लिखना चाहता था. वह भी नहीं कर पा रहा हूँ. इसलिए जो कर रहा हूँ उससे छुट्टी पाना चाहता हूँ. संस्मरण लिखने का प्रयास करूँगा. लिख ही दूँगा, ऐसा भरोसा भी नहीं है. लेकिन प्रयास करूँगा. इसलिए राजद की ओर से जिस भूमिका का निर्वहन अबतक मैं कर रहा था उससे छुट्टी ले रहा हूं।