40 C
Delhi
Homeट्रेंडिंगबूथ लूट वाले बयान पर बैकफुट पर आये कीर्ति आजाद, मांगनी पड़ी...

बूथ लूट वाले बयान पर बैकफुट पर आये कीर्ति आजाद, मांगनी पड़ी माफ़ी

- Advertisement -spot_img

सेंट्रल डेस्क : भाजपा से कांग्रेस का दामन थामने वाले कीर्ति झा आजाद दरभंगा में अपने विवादित बयान को लेकर काफी फजीहत झेलने के बाद अब बैकफुट पर आ गए हैं। इसको लेकर उन्होंने माफ़ी मांगी है. उन्होंने कहा था कि बूथ कब्‍जा कर चुनाव जीते थे। उनके पिता के वक्‍त भी कुछ ऐसा ही हुआ था।

दरअसल कांग्रेस में शामिल होने के बाद दरभंगा में अपनी पहली सभा को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा था कि 1999 में मेरे लिए भी बूथ लूटने का काम हुआ था। उनके पिताजी के समय भी यही काम होता था। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अब माफी मांग ली है। सांसद ने कहा कि उन्होंने हंसी-मजाक में ये बात कही थी।

बता दें कि कीर्ति आजाद का ये बयान मीडिया की सुर्खियां बनीं और इस बयान पर विपक्ष का हमला शुरू हो गया। बवाल बढ़ने के बाद कीर्ति आजाद ने दरभंगा में मीडिया के सामने सफाई देते हुए कहा कि मेरे कहने का तात्पर्य बूथ लूटने की बात से नहीं था, हमारा मतलब बूथ मैनेजमेंट से है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्या मालूम था कि इस तरह बाल की खाल निकाली जाएगी?

https://youtu.be/sTgwarg-Uo8

वहीं, कीर्ति आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो हमेशा अनेकों जुमला फेंकते रहते हैं। सच को झूठ और झूठ को सच बनाते रहते हैं। उन्होंने न जाने क्या-क्या बातें कहीं, मगर किसी ने उनपर तो कोई सवाल नहीं उठाया। जबकि हमारी इतनी सी बात पर बखेड़ा शुरू हो गया है। यदि मुझसे गलती हुई है तो मैं क्षमा मांगता हूं।

विदित हो कि सोमवार को कांग्रेस मुख्‍यालय (दिल्‍ली) में राहुल गांधी ने कीर्ति आजाद को पार्टीकी सदस्‍यता दिलाई। इसके अगले दिन दरभंगा में पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने उनका स्‍वागत पार्टी कार्यालय में किया। कीर्ति इस अवसर पर उन्‍हें संबोधित कर रहे थे।

सांसद कीर्ति झा आजाद ने कहा कि न तो उन्‍हें कांग्रेस पार्टी में शामिल होने में कोई परेशानी हुई और न ही कांग्रेस को उन्‍हें अपनाने में, क्योंकि वे मूल रूप से कांग्रेस परिवार से ही हैं। कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उन्होंने जोश भरते हुए कहा कि आप लोग मेरे पिताजी के लिए भी बूथ कब्जा करने का काम करते थे और वर्ष 1999 में मेरे लिए भी किया था। दरअसल, उस समय बैलेट से चुनाव होता था।

उधर बीजेपी ने कहा कि अब उनकी पोल खुल रही है। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने इस बयान को लेकर निशाना साधते हुए कहा, ‘कीर्ति ने स्वीकार किया है कि बूथ कैप्चरिंग कांग्रेस संस्कृति का एक हिस्सा है। बीजेपी के साथ रहते हुए कभी भी ऐसी चुनावी परंपराओं का सहारा नहीं लिया गया।’

हालांकि कीर्ति ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा, ‘मेरे कहने का मतलब यह नहीं था कि मेरे पिता के लिए बूथ कैप्चर किए गए। जब मैंने बूथ लूट के बारे में बोला था, तो मैं उस समर्पण की बात कर रहा था जिसके साथ पार्टी कार्यकर्ता मेरे पिता के लिए बूथ प्रबंधन करते थे।’

बता दें कि कीर्ति के पिता भागवत झा आजाद इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में सदस्य रहे और 1980 के दशक में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। दो दशक से बीजेपी से जुड़े और दरभंगा से दो बार सांसद रहे कीर्ति को दिल्ली और जिला क्रिकेट असोसिएशन (डीडीसीए) में कथित अनियमितताओं के संबंध में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाने को लेकर 2015 में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -