BREAKING: मुख्तार अंसारी बैरक नंबर 15 में शिफ्ट, कोर्ट से की घर वालों और वकील से बात न करने देने की शिकायत

बांदा/ प्रमोद कुमार: मऊ से बसपा के बाहुबली विधायक मुख्‍तार अंसारी को मंडल कारा की बैरक नंबर 15 में शिफ्ट कर दिया गया है। बुधवार को पंजाब से लाए जाने के बाद मुख्तार को मुलाहिजा बैरक नंबर 16 में रखा गया था। गुरुवार को उसकी बैरक बदल दी गई। इस बीच उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।

कोर्ट से शिकायत:

दूसरी ओर मऊ से मिली खबर के अनुसार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बांदा जेल से विधायक की सीजेएम कोर्ट में पेशी जिसके दौरान मुख्तार ने कोर्ट से शिकायत की कि उसे स्वजनों और वकील से बातचीत नहीं करने दी जा रही है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा के सामने वीडियो कांफ्रेंसिंग माध्यम से सुनवाई के दौरान विधायक ने स्वजन व अधिवक्ता से बातचीत नहीं कराने का बांदा जेल प्रशासन पर आरोप लगाया। इस पर मजिस्ट्रेट ने वहां के जेल अधीक्षक को मैनुअल के अनुसार विधिक परामर्श के लिए वकील व स्वजन से बात कराने का निर्देश दिया। साथ ही अगली पेशी के लिए 22 अप्रैल की तिथि तय की।

अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपित के अधिवक्ता ने बताया कि बांदा जेल से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस पर सीजेएम ने बांदा जेल अधीक्षक को मेल भेजकर मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके बाद जेल प्रशासन ने सदर विधायक की पेशी कराई।

बता दें कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आठ जनवरी, 2020 को दक्षिणटोला थाने की ओर से कतिपय शस्त्र लाइसेंस धारकों के पते का सत्यापन कराया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कुछ लोगों ने गलत पता दर्शाकर शस्त्र लाइसेंस लिया था। इसमें इसराइल अंसारी (जमालपुर), मोहम्मद शाह आलम (डोमनपुरा) स्थाई पता ग्राम सीगेरा थाना मरदह जिला -गाजीपुर, अनवर सहजाद (जलालपुर दक्षिण टोला), सलीम (जमालपुर थाना दक्षिणटोला) शामिल थे। इन सभी आरोपितों को लाइसेंस जारी करने के लिए 15 जनवरी, 2020 को विधायक मुख्तार अंसारी ने अपने लेटर पैड पर अनुशंसा की थी। तत्कालीन लेखपाल व थानाध्यक्ष ने प्रभाव में आकर गलत सत्यापन आख्या दी थी।