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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे ने पकड़ी रफ्तार, काम तेज़

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-विधानसभा चुनाव से पहले फरवरी से फर्राटा भरिये
-दिल्ली के रास्ते से जुड़ जाएगा बुंदेलखंड
-बड़े पैमाने पर रोजगार, जमीन के दाम बढ़े
-विकास के रास्ते खुलेंगे, बाजार और उधोग धंधे भी

स्टेट डेस्क/21 जुलाई 2021: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का काम बेहद तेजी से चल रहा है। 296 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर फरवरी से आवागमन शुरू हो सकता है और इसका चुनाव में योगी सरकार को लाभ भी मिल सकता है।

एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद बुंदेलखंड के पांच जिले बाँदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, देश की राजधानी से जुड़े आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और यमुना एक्सप्रेस वे से पूरी तरह जुड़ जाएंगे। इसी के साथ बुंदेलखंड के विकास का रास्ता भी खुल जाएगा। चित्रकूट से इटावा तक बन रहे एक्सप्रेस वे के लिए बुंदेलखंड के पांच और इटावा औरैया के कुल सात ज़िलों की 3655.1655 हेक्टेयर भूमि का इस्तेमाल किया गया है।

इसके लिए 11, 480 किसानों की भूमि खरीदी गई। इसका उन्हें सर्किल रेट का चार गुना तक मुआवजा दिया गया। किसानों को 32 लाख से पांच करोड़ तक मिले। न जाने कितने किसान, जिनकी ज़मीन ऊसर बंजर थी, रातोरात मालामाल हो गए। उसमें से कुछ ने ज़मीन खरीद ली, कुछ ने दुकान खोल ली तो किसी ने घर बना लिए और एफडी कर दी।

एक्सप्रेस वे के सबसे ज्यादा 64 गांव जालौन के हैं। औरैया के 37, हमीरपुर के 29, बाँदा के 28, चित्रकूट के 9 और इटावा के साथ गांव एक्सप्रेस वे को छू रहे हैं।

राहगीरों और पशुओं के लिए अलग रास्ते बनाये जा रहे हैं। ये एक्सप्रेस वे 6 लेन का होगा। यह 110 मीटर चौड़ा होगा। पैदल राहगीरों और जानवरों के लिए अंडरपास बनाये जा रहे हैं। पूरे एक्सप्रेस वे में चार रेलवे ओवरब्रिज, 11 बड़े पुल, छह टोल प्लाजा, सात रैम्प प्लाजा, 266 छोटे पुल, और 18 फ्लाईओवर बनाये जा रहे हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे एक नज़र में….

-भरतकूप (चित्रकूट) से कुर्दील (इटावा) तक। लंबाई-296 किलोमीटर। लागत-14,716 करोड़। एक्सप्रेस वे पर नदियां-बागे, केन, श्यामा, चंद्रवाल, बिरमा, यमुना, बेतवा, सिंगुर।

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