चंपारण: पांच साल पूर्व अपहृत लड़की के बरामदगी नहीं होने के विरोध में एसएच को जाम कर किया प्रदर्शन

केसरिया/अशरफ: लड़की के अपहरण हुए पांच साल गुजर जाने के बाद भी उसकी खोज खबर में नाकाम रही पुलिस के विरोध में लड़की के परिजनों सहित ग्रामीणों का आक्रोश आज फूट पड़ा। जिसके परिणाम स्वरूप थाना क्षेत्र स्थित नयागांव निवासी मनोहर लाल सिंह एवं संगिता सिंह के नेतृत्व एवं हिन्दूस्तान विकास मोर्चा के बैनर तले सुबह सात बजे से अरेराज-पटना पथ एसएच 74 को जाम कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सभी आक्रोशित लोगों ने तख्ति पर पुलिस अधीक्षक और डीजीपी, डीआईजी, डीएम से न्याय की मांग करते हुए बताया कि थाना पुलिस की मीलीभगत से इस तरह के कांड होते हैं। बताया कि चार साल दस महीने बाद भी न्याय नहीं मिला।


सभी आक्रोशित ” हमारी बेटी दो नहीं तो हमको भी मार दो”, “मुझे आश्वाशन नहीं बेटी चाहिए” के नारे लगाते रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पांच साल में मेरी बच्ची की बरामदगी नहीं हुआ है और जब तक बरामदगी नहीं होती तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। वहीं इस जाम के कारण बीच सड़क केसरिया थाना क्षेत्र में गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। जिससे बस में बैठे या‌त्रियों को काफी कठीनाईयों का सामना करना पड़ा।

बाद में सूचना पर एएसपी शैशव यादव ने आश्वासन दिया कि लड़की की बरामदगी के लिए हमें दो माह का समय दें। आपको अवश्य न्याय मिलेगा। इस आश्वासन के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और शाम में करीब दस घंटे बाद जाम खत्म किया। जानकारी के अनुसार लड़की की मां एवं पिता मनोहर लाल सिंह ने संयुक्त रूप से सभी प्रशासनिक विभाग में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराते हुए कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। लेकिन, इनके शिकायत के बाद भी अधिकारी चीर निंद्रा में सोते रहे और बच्ची के परिजनों को पांच साल बाद भी न्याय नहीं मिला।

जबकि पांच साल तक प्रशासन का सहयोग कर कानून का साथ दिया। लेकिन पुलिस प्रशासन हमारी मदद नहीं की। – वर्ष 2016 में मोतिहारी से हुआ था अपहरण लड़की के पिता श्री सिंह ने बताया कि हमारी पुत्री का अपहरण भूमि विवाद को लेकर 12 जून 2016 को मोतिहारी के धर्म समाज चौक से तब अपहरण कर लिया गया जब वह सामान खरीदने गई थी। इसकी मोतिहारी नगर थाना कांड संख्या 371/16 दर्ज कर ठंडा बस्ता में डाल दिया।

जो अबतक न्याय से कोसो दूर है। वहीं जाम स्थल पर एएसपी शैशव यादव ने पहुंच कर अपहृता के परिजनों से बात किया। और अपहृता को खोज निकालने के लिए दो माह का समय मांगते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया। जिसके बाद सड़क जाम खत्म हुआ। हालांकि इस कांड में पुलिस अनूसंधान में सात लोगों को नामजद किया गया है, जो बेल पर बाहर हैं। मौके पर इंस्पेक्टर अनिल कुमार, बीडीओ आभा कुमारी, सीओ प्रवीण कुमार, थानाध्यक्ष विनय कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल मौजूद थे।