चंपारण: लीची पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, सिंचाई और बाग प्रबंधन है जरूरी- वैज्ञानिक

मोतिहारी / राजन दत्त द्विवेदी: आज मेहसी प्रखंड स्थित मिर्जापुर के लीची बागान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर और उद्यान विभाग पूर्वी चंपारण के संयुक्त तत्वाधान में किसान कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संचालन अनुसंधान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक संजय कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सर्वप्रथम किसान सुदिष्ट नारायण ठाकुर ने समस्याओं को उठाते हुए कहा कि पिछले 4 वर्षों से यहां के लीची किसान स्टीमबग नामक कीट के हमले से परेशान हैं। उनकी आमदनी का एकमात्र जरिया लीची है जो इन कीटों के हमले से प्रभावित हो रहे हैं।

किंतु इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अमर ने स्टीमबग के साथ-साथ लीची माइट जैसे कीट पतंगों के बढ़ते प्रभाव और लीची के बागों में नमी की कमी के साथ-साथ फलों के दाने में आ रही गिरावट तथा समय से पहले फलों का गिरना, पिल्लू पड़ जाना इत्यादि समस्याओं को वरिष्ठ वैज्ञानिकों के समक्ष रखा। वहीं समाधान के लिए जिला उद्यान विभाग, कृषि विभाग तथा लीची अनुसंधान केंद्र से जुड़े हुए अधिकारियों व वैज्ञानिकों से इसके त्वरित पहल करने की अपील की।

कहा कि जिस प्रकार टिडडी दलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर पहल की। ठीक उसी प्रकार लीची किसानों को राहत देने हेतु एक साथ ड्रोन द्वारा सभी बगीचों पर सरकार छिड़काव कराए तथा अन्य फसलों की तरह फलों का भी बीमा कराई जाए। इसके लिए सरकार स्तर से पहल होनी चाहिए। कहा कि यह एक प्रकार का कोविद-19 की तरह किसानों पर एक बड़ा आर्थिक हमला है। इसे जलवायु परिवर्तन के साथ जोड़ कर देखे जाने की अपील वैज्ञानिकों से करते हुए मेहसी के लीची किसानों को बचाने की मांग किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक संजय कुमार सिंह द्वारा उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा गया कि लीची किसान अच्छी फसल के वास्ते समय-समय पर कीट रोधी दवाओं का छिड़काव करें और गिरे हुए कीटों को जमीन के अंदर दफनाने की व्यवस्था करें। और लीची के बागों में नमी के लिए समय-समय पर सिंचाई प्रबंधन के साथ-साथ बाग प्रबंधन पर भी ध्यान दें।

वही जिला उद्यान पदाधिकारी श्रीकांत कुमार पांडेय ने कहा् कि सरकार ने सिंचाई के लिए 90% अनुदान व्यवस्था की है। इसका जो किसान लाभ लेना चाहते हैं वह हमारे कार्यालय से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा में स्थानीय विधायक श्याम बाबू यादव द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब हम लोगों ने भेजा है। अब सरकार जब हमें ग्रीन सिगनल देगी हम लोग कार्रवाई आरंभ कर देंगे। मौके पर किसानो में नईमूल हक़, मेराज अहमद, शाहिद रजा, हामिद रजा, संजय सिंह, अलबेला सिंह, चुलबुल ठाकुर,लतिफुर रहमान, गणेश कुशवाहा, श्रीकांत कुमार,लड्डू कुमार द्वारा सामूहिक रूप से यहां के किसानों के लिए एसी ट्रेन और कार्गो प्लेन की सुविधा लीची के किसानों के लिए उपलब्ध कराई जाए।

ताकि यहां के किसान अपने उत्पादन को देश के दूसरे हिस्सों तक भेज सकें। इन मांगों पर जिला उद्यान पदाधिकारी ने लिखित रूप से आवेदन आमंत्रित किया। जिसे तक्षण किसानों ने जिला उद्यान पदाधिकारी को पांच मांगो के साथ आवेदन समर्पित किया गया। मौके पर एनआरसी एस. डी. पांडेय, बच्चा पांडेय, देहात संस्था के अभिनव, उद्यान पदाधिकारी रणधीर भारद्वाज, अमित सिंह, पवन कुमार, किसानों में एहसान अली, शाहिद रज़ा, रिज़वान अहमद, नईमूल हक़ लतिफुर रहमान, जियाउर्रहमान, गणेश कुशवाहा, मेराज अहमद, अब्दुल रशीद,अबुल कलाम आजाद, डॉ संजय सिंह मौजूद रहे।