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श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में छा गया चनपटिया मॉडल

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बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा। प्रशासनिक सुधारों से नागरिकों और सरकार को नजदीक लाने के विषय पर श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन जम्मू और कश्मीर सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ। पीएमओ की पहल पर केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार व जन शिकायत विभाग और जम्मू कश्मीर सरकार ने उपर्युक्त आयोजन किया।

डॉ जितेंद्र सिंह, पृथ्वी विज्ञान और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री ने सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीएआरपीजी सचिव वी श्रीनिवास सहित कई वरीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन में पोषण अभियान में जनभागीदारी, खेलो इंडिया योजना के तहत खेलों को बढ़ावा देने, एक जिला एक उत्पाद आदि पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्मेलन में भारत देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। जिसमें बिहार का प्रतिनिधित्व पश्चिम चम्पारण के डीसी कुंदन कुमार ने करते हुए अनुभव साझा किया।

सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठनों को एक ही मंच पर लाना है। जिससे उनके अनुकूलन, प्रतिकृति और नवाचार को सुविधाजनक बनाने के लिए सुशासन पहल के निर्माण और कार्यान्वयन में अनुभव साझा किया जा सके। जिला पदाधिकारी(डीसी) सम्मेलन के दौरान उपस्थित गणमान्यों से विचारों को साझा किया कि वैश्विक कोविड आपदा के समय पश्चिम चम्पारण जिला ने कैसे श्रमिकों को मालिक बनाया। कैसे उन्हें अल्प समय में चनपटिया स्टार्टअप जोन (चनपटिया मॉडल) विकसित किया, कैसे प्लग एंड प्ले मॉडल पर एक के बाद एक उद्यम स्थापित होते चले गए, कैसे चनपटिया स्टार्टअप जोन के उत्पाद देश ही नहीं बल्कि विदेशों में परचम लहरा रहे हैं।

जिला पदाधिकारी सम्मेलन में बताया कि श्रम का सम्मान करते हुए कामगारों/श्रमिकों के हुनर को जिला प्रशासन ने पहचान करते हुए उन्हें श्रमिक से से मालिक बनाया है। उन्होंने स्टार्टअप जोन चनपटिया के स्थापना की कहानी साझा करते हुए बताया कि लॉक डाउन में अस्सी हजार से ज्यादा कामगारों की पश्चिम चम्पारण जिला में घर वापसी हुई। ये सभी कामगार अपना घर-बार छोड़कर अन्य राज्यों में किसी न किसी कंपनी के लिए मजदूरी का काम करते रहे। लॉकडाउन के कारण आजीविका के साधन छीन जाने पर ये अवसाद और परेशानी में वापस आए।

क्वारंटाइन कैम्प में 14 दिनों के आवासन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा इनकी स्किल मैपिंग कराई गई और जिला में उद्यम स्थापित करने को सुझाव आमंत्रित किए गए। स्किल मैपिंग के दौरान मुख्य रूप से टेक्सटाइल एंड एपरिल, फूटवेयर, बम्बू एंड क्राफ्ट इत्यादि विधा में इनके पारंगत होने की जानकारी प्राप्त हुई। उन क्षेत्रों में इनकी पारंगता जानकार भविष्य में इन कामगारों से संपर्क करने को उद्यम मित्र मंडल का निर्माण किया गया। उन्होंने वापस लौटे कामगारों के लिए कोरोना जैसी ’आपदा’ में ’अवसर’ की तलाश करने का प्रयास किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के अगस्त माह में लुधियाना, अमृतसर, सूरत, दिल्ली, मुंबई इत्यादि जगहों से भाग लेने आये 30 से ज्यादा कामगारों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार की गई तथा उन्हीं से उद्यम स्थापित करने की दिशा में किये जाने वाले कामों की जानकारी और सुझाव लिया गया। उनसे आवश्यकताओं की जानकारी भी ली गयी और राज्य सरकार ने जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना अन्तर्गत दिए जाने वाले लाभों से अवगत कराया। मुख्यतः सड़क से सम्बद्ध स्थान, 24×7 के तर्ज पर थ्री फेज बिजली और राशि की आवश्यकता बताई गयी। आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बैंक के पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर ऋण मेला का आयोजन करते हुए हुए आर्थिक सहायतार्थ ऋण दिलवाया गया। स्थान के लिए 20 एकड़ में फैले बाजार समिति के अनुपयोगी पड़े वेयरहाउस को चिन्हित किया गया और बिजली के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता कर डेडिकेटेड ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराई गई।

सभी प्रकार के कागजातों को तैयार करने, ऋण दिलाने में सहायता प्रदान करने या यूं कहें प्रत्येक स्तर पर सहायता करने को जिला स्तरीय एक-एक पदाधिकारी को सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (स्पोक) के रूप में प्राधिकृत किया गया। इसके साथ ही कामगारों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर एडेड इक्विपमेंट का आयात करना शुरू किया गया और इस प्रकार से चनपटिया के 20 एकड़ में फैले बाजार समिति में जिला का प्रथम स्टार्टअप  जोन प्रारंभ हुआ। इस दौरान जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में दर्जनों बार कामगारों, बैंक प्रबंधकों, स्टेक होल्डरों के साथ समीक्षा बैठक की गई तथा उद्यमियों को हर संभव मदद पहुँचायी गयी।

कुंदन कुमार ने बताया कि अब तक 57 उद्यमियों के द्वारा स्टार्टअप जोन में यूनिट स्थापित कर लिया गया। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के 400 से अधिक मशीनों की स्थापना हो चुकी है, जिससे उत्पादित 15 करोड़ से ज्यादा के सामानों की बिक्री स्थानीय बाजार सहित अन्य जिले, राज्यों तथा विदेशों में किया जा चुका है। सामानों की बात करें तो बनारसी साड़ी, स्वेटर, कश्मीरी शाल सहित 25 से अधिक प्रकार के टेक्सटाइल एंड एपरिल का निर्माण स्टार्टअप जोन में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सेनेटरी पैड, फुटवेयर्स, स्टील के बर्तन का भी निर्माण किया जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व ही ई-रिक्शा की भी असेम्बलिंग स्टार्टअप जोन में शुरू कर दिया गया है।

चनपटिया मॉडल (स्टार्टअप जोन) की सफलता से अभिभूत होकर जिला के अन्य क्षेत्रों में 100 से अधिक उद्यम स्थापित हो चुके हैं। स्टार्टअप जोन के इस अभिनव प्रयोग के कारण जिले के सुदूरवर्ती थरुहट क्षेत्र हरनाटांड़, मिश्रौली एवं रामनगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापना की बयार बह चुकी है। 140 से अधिक लोग उद्यम स्थापना के लिए स्थान आवंटन की कतार में हैं। थरुहट के लोगों द्वारा भी चनपटिया के तर्ज पर ही प्लग एंड प्ले आधारित स्टार्टअप जोन स्थापित करने की मांग की गई।

इन्हें प्लग एंड प्ले आधारित स्टार्टअप जोन मुहैया कराने को लेकर स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है, आगे की कार्रवाई को पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन तीव्र गति से कार्य कर रहा है। कुंदन कुमार ने कहा कि स्टार्टअप ज़ोन की सफलता के कारण जिला को पीएम मित्र पार्क की स्थापना के लिए भी चिन्हित किया गया है, जिसके लिए 1719 एकड़ भूमि को चिन्हित करते हुए प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है। इसी कड़ी में कुमारबाग़ के औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थित बियाडा के 300 एकड़ से अधिक भूमि पर टेक्सटाइल पार्क की थीम पर निर्माण करने की कवायद प्रारंभ है। जिला में उद्यम स्थापना का ईको-सिस्टम तैयार हो चुका है।

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