नीतीश कुमार ने गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर जताया शोक, बिहार विभूति को दी श्रद्धांजिल

पटना : महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में निधन हो गया. वह 77 साल के थे. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके निधन पर शोक जताते हुए इसे समाज और बिहार के लिए एक बड़ा नुकसान बताया. नीतीश कुमार उनके आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजिल दी.


गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (हम) सुप्रीमो व पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी, विधान पार्षद संतोष मांझी तथा ‘हम’ के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी शोक जताया है। जीतन राम मांझी ने उनके निधन को समाज की अपूरणीय क्षति करार दिया है। कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने निधन पर शोक जताया है।

राजद के नेता तेजस्वी यादव ने भी वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘बिहार के महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह जी के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करता हूं ऐसी महान विभूति को कोटिश: नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि.’

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री व बिहार के बेगूसराय से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद गिरिराज सिंह ने वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि हमने एक मणि खो दिया है। प्रभु उनकी आत्मा को शांति दें।

नारायण सिंह करीब 40 साल से सिजोफ्रेनिया बीमारी से पीड़ित थे. उनके एक करीबी ने बताया कि कुछ समय से पटना में रहने वाले सिंह की तबीयत गुरुवार तड़के खराब हो गई थी, जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर तत्काल पटना मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (पीएमसीएच) पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

बता दें कि गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह अपने शैक्षणिक जीवनकाल से ही कुशाग्र रहे थे. डॉ. सिंह नेतरहाट आवासीय विद्यालय के छात्र थे और सन 1962 उन्होंने दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. पटना सायंस कॉलेज में पढ़ते हुए उनकी मुलाकात अमेरिका से पटना आए प्रोफेसर कैली से हुई. उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर प्रोफेसर कैली ने उन्हे बर्कली आ कर शोध करने का निमंत्रण दिया.