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कोरोना संक्रमण को लेकर असमंजस की स्थिति, पीएम कर रहे सचेत, केन्द्र ने कहा अफवाहों पर न दें ध्यान

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सेंट्रल डेस्क / अनू अस्थाना: देश-दुनिया में कोरोना वायरस का कहर अब भी जारी है। ऐसे में केन्द्र सरकार और प्रधान मंत्री मोदी की ओर से की अपील से लोगों में असमंजस की स्थिती पैदा हो गई है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री ने मंगलवार को आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में सभी को कोरोना वायरस के बदलते रूपों और उससे होने वाले खतरों को लेकर सचेत किया। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा वेरिएंट को लेकर अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। लोगों से कोरोना वायरस के खिलाफ बुनियादी प्रोटोकॉल पर ध्यान देने को कहा है। पीएम ने कहा कि महामारी की संभावित तीसरी लहर से मुकाबले के लिए वैक्सीनेशन प्रक्रिया में तेजी लाने ने जरूरत है । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान से देश के पूर्वाेत्तर राज्यों को मदद मिलेगी।असम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में कोरोना

संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वाेत्तर के आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर की और वहां के हालात का जायजा लिया। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, हमें टेस्टिंग और ट्रीटमेंट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करते हुए आगे कदम बढ़ाना होंगा। हाल ही में इसके लिए कैबिनेट ने 23,000 करोड़ रुपये का एक नए पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज से पूर्वाेत्तर राज्यों को अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमे कोरोना वायरस के दिन व दिन बदल रहे वैरिएंट्स पर नजर रखनी होगी। म्यूटेशन के बाद ये कितना जोखिम भरा हो सकता है इस बारे में विशेषज्ञों की राय और उनके अध्ययनों पर ध्यान देना होगा। ऐसे में एहतियात और उपचार आवश्यक है।

कोरोना के कारण पर्यटन, व्यापार-कारोबार बहुत प्रभावित हुआ है, लेकिन पर्वतीय स्थलों, बाजारों में बिना मास्क पहने भारी भीड़ का उमड़ना चिंताजनक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हमें और सख्त कदम उठाने होंगे, इसके लिए लोगों की जिम्मेदारी तय करनी होगी, ताकि संक्रमण दोबारा न बढ़ने दिया जाए।माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र पर हमें पूरा फोकस करना होगा। पिछले डेढ़ साल के दौरान जो अनुभव हमें मिले हैं उसका भी पूरा इस्तेमाल करना होगा।

केन्द्र ने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से ट्विटर पर मौजूद उसके कोविड 19 हैंडल से इस बाबत एक ट्वीट किया गया है। इसमें लोगों से कहा गया है, कोरोना वायरस के अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा वेरिएंट से संबंधित किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दिया जाए, बल्कि एबीसीडी नियम को कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ अपनाया जाए। मंत्रालय ने एबीसीडी की व्याख्या भी की है। उसके अनुसार ए का मतलब है- एडवाइस या सुझाव, बी का मतलब है बिलीव या विश्वास, सी का मतलब है- क्रॉस चेक यानी किसी भी सूचना को दोबारा सत्यापित करना, डी का मतलब है डू नॉट प्रमोट फियर यानी डर न फैलाएं। इसके साथ ही मंत्रालय ने कुछ सुझावों को भरी एक ग्राफिक्स के जरिये शेयर किया है। इससे लोगों को कोरोना महामारी के दौर में काफी मदद मिल सकती है।

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