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ज्वाइनिंग समारोह में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ीं

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-मेरी हैसियत किसी पार्टी से कम नहीं है : मौर्य
चुनाव डेस्क।
स्वामी प्रसाद मौर्य एंड कंपनी के भाजपा छोड़कर सपा ज्वाइन करने से सपा उत्साह से लबरेज है। खुद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भूल जाएं कि लड़ा 80-20 की है। अब लड़ाई 85-15 की ही रह गयी है। यानी 85 पर सपा और उसके सहयोगी दल बाकी पर सब।

आज से वो आंधी चलेगी की भाजपा के परखच्चे उड़ जाएंगे। लखनऊ में उनके ज्वाइनिंग के समय सपा कार्यालय में भीड़ थी। कोरोना प्रोटोकॉल की धुर्रे उड़ायी जा रही थी। मौर्य यहीं नहीं रुके बोले, मैने पार्टी भले ही न बनायी हो लेकिन किसी पार्टी से कम हैसियत नहीं रखते।

स्वामी बोले कि अखिलेश नवजवान हैं पढ़े-लिखे हैं नयी उर्जा है उनमें, इसीलिए हाथ मिलाया है। वह बोले कि वह जिसका साथ छोड़ते हैं उसका अतापता भी नहीं रहता है। मायावती इसका उदाहरण हैं। भाजपा कान खोलकर सुन ले, अब उसके बुरे दिन आ गए हैं। मौर्य कहते हैं कि इस्तीफों का सिलसिला चलता रहेगा। दस मार्च आने दो, भाजपा को पुराने आंकड़े पर लाकर खड़ा कर दूंगा। इस पार्टी को उखाड़कर हिंद महासागर में डुबो देंगे। इसके नेताओं की नींद उड़ी है। मारे डर के टिकट भी नहीं बांट रहे हैं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 80 फीसदी लोग सपा के साथ खड़े हैं। भाजपा में लगातार विकेट गिर रहे हैं। बाबा क्रिकेट खेलना भी नहीं जानते। हाथ से कैच छूट गया है। भाजपा का सफाया होना तय है। मंत्रियों के सपा में आते ही बाबा गोरखपुर निकल लिए। किसानों के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। कोई ठोस उपलब्धि नहीं है।

आज हालत यह है कि पेट्रोल डीजल कंपनियां 600 प्रतिशत फायदा कमा रही हैं। भाजपा उद्योगपतियों की जेब भर रही है। छापा मारना था कहीं और मार दिया कहीं। बाबा फेल हो चुके हैं, अब कुछ नहीं होना है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस मौके पर रहस्योद्घाटन किया कि 2017 में सीएम की कुरसी पर केशव प्रसाद मौर्य या मैं (मौर्य) बैठूंगा पर गोरखपुर से स्काईलैब बनकर गिरे बाबा (योगी आदित्यनाथ)।

भाजपा छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य और धर्म सिंह सैनी सहित 8 विधायकों ने शुक्रवार को सपा का दामन थाम लिया। दारा सिंह चौहान अभी तक वहां नहीं पहुंचे हैं। अखिलेश यादव ने मंच पर पहुंचकर सबको पार्टी की सदस्यता दिलाई। अखिलेश ने कहा कि मैं स्वामी प्रसाद मौर्य को धन्यवाद दूंगा। वह जिस तरफ चल देते हैं, सरकार उनकी ही बन जाती है।

समाजवादी पार्टी जॉइन करने वाले योगी के एक अन्य मंत्री धर्म सिंह सैनी ने कहा कि अखिलेश भावी नहीं, अब CM हैं। उन्होंने कहा कि कोविड और आचार संहिता न होती तो 10 लाख की रैली कर आपको सम्मानित किया जाता। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दलितों और पिछड़ा वर्ग ने आपको CM बनाने के लिए संकल्प लिया है।

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BJP पर तंज करते हुए कहा कि जहां से आ रहे हैं, उनसे कई गुना ज्यादा सम्मान मिल रहा है। अब तक इस्तीफा देने वाले नेता इस प्रकार हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्मसिंह सैनी, भगवती सागर, रोशनलाल वर्मा, विनय शाकय, अवतार सिंह भड़ाना, दारा सिंह चौहान, बृजेश प्रजापति, मुकेश वर्मा, दिग्विजय नारायणजयचौबे, बाला प्रसाद अवस्थी, राकेश राठौर, माधुरी वर्मा, आरके शर्मा।

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