बेतिया नगर परिषद सभापति पद के चुनाव पर पार्षदों को हाईकोर्ट का झटका

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: बेतिया नगर परिषद की पूर्व सभापति गरिमादेवी सिकारिया के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को विवादास्पद तरीके से पारित किये जाने को लेकर बीते करीब तीन माह से जारी संघर्ष का पटाक्षेप नहीं हो सका है। नगर परिषद के सभापति के रिक्त पद के कारण नगर प्रशासन के लिये विधायी संकट के निपटारे के तौर पर नए सभापति के चुनाव की याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपाध्याय की एकल पीठ सुनवाई स्थगित कर दी है।


बीते गुरुवार को हुई सुनवाई की ऑनलाइन अपलोड आदेश में वार्ड 7 के नगर पार्षद संजय कुमार सिंह की याचिका में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार उपाध्याय के स्तर से नप सभापति के रिक्त पद पर नए चुनाव के लिये अनुशंसा पत्र सहित कुल 43 प्रकार के विधायी व प्रशासनिक तर्क संलग्न किये हैं। इसको प्रमाणित करने के लिये कुल 33 अनुलग्नकों के साथ उन्होंने सीडब्लूजेसी-6037/22 याचिका दाखिल की है।

न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपाध्याय के स्तर से पारित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गरिमादेवी सिकारिया की याचिका सीडब्लूजेसी- 3884/2021 में अविश्वास प्रस्ताव के मतपत्रों की रिकाउंटिंग के आदेश पर रोक के लिये वार्ड पार्षद अश्विनी प्रसाद के द्वारा मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले डबल बेंच के समक्ष दायर एलपीए वाद में निर्णय होने तक संजय कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई पर रोक का आदेश पारित किया गया है।