प्रशासनिक चाबुक चलाकर काम लेने में विश्वास नहीं रखते थे डॉ. अरुण कुमार

बरौनी/ बेगूसराय/विनोद कर्ण : विशेष उप निदेशक, डॉ  अरुण कुमार  (प.वि.) वृ. प.वि.परियोजना (मुख्यालय स्तर), बरौनी बेगूसराय के सेवानिवृति के सुअवसर पर उनके विदाई समारोह का आयोजन सोमवार को बरौनी डेयरी रोड स्थित कार्यालय विशेष उपनिदेशक कार्यालय बरौनी में किया गया। डॉ. कुमार बीते 31 मार्च 2021 को अपने पद से सेवानृवित हुए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुभाष कुमार पशु शल्य चिकित्सक बेगूसराय ने की, जबकि मंच संचालन रामाश्रय प्रसाद शाही ने किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भानु शंकर क्षेत्रीय निर्देशक, पशुपालन दरभंगा क्षेत्र ने कहा कि इस तरह का भावपूर्ण विदाई विरले ही देखने को मिलती है।


उन्होंने कहा कि सिर्फ अधिकारी ही नहीं अभिभावक की तरह जब कोई ईमानदारी से काम करते हैं तो ऐसा सम्मान मिलता है। दरअसल यह विदाई नहीं सम्मान समारोह है। अतिथि के रूप में डॉ. सत्यनारायण यादव, डॉ. सुनील, डॉ. मृगेंद्र कुमार, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ अनिमेष कुमार, अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी, डॉ. सुधांशु ने अपने विचारों को रखा।वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अरुण कुमार ने अपने कार्यकाल में कई सफलताएं हासिल की है। साथ ही उन्होंने आने वाले पीढ़ी को एक नयी दिशा भी दिखाया है। डॉ. अरुण कुमार बहुत ही सरल स्वभाव और ईमानदार पदाधिकारी थे।

इस कारण लोग उन्हें सरलता के सरोवर, परोपकारिता के पुष्प, ईमानदारी के इमारत के रूप में देखते हैं। पशुधन पर्यवेक्षक सुजीत कुमार ने सहकर्मियों की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विदाई समारोह को सफल बनाने में पशुधन पर्यवेक्षक सुधीर कुमार प्रभात, रामसकल दास, मो. सरोवर बिंज, सुजीत कुमार, मो. नसीम अख्तर ने अहम भूमिका निभाई। 


इस अवसर पर सेवानिवृत्त डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि जिस विभाग में हम काम करते हैं वह माता- पिता के समान पूज्यनीय होता है। सेवानिवृत्ति के बाद भी विभाग हमें भरण-पोषण का खर्च देती है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम विभाग के हितों को देखें। उन्होंने कहा कि वे कार्य के दायित्व को समझाकर काम लेना चाहा। प्रशासनिक चाबुक चला कर काम लेने में उन्होंने कभी विश्वास नहीं किया। अधिनस्थों का शोषण उनके सर्वभाव में नहीं रहा।इससे पूर्व विभाग के सभी लोगों ने डॉ. अरुण कुमार को पाग के साथ फूलों का माला पहनाकर व अंग- वस्त्र देकर उनका सम्मानित किया। डॉ. अरुण कुमार की पत्नी बेला रानी को भी बुके व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभाग के दर्ज़नों पशुधन पर्यवेक्षक व कर्मियों ने भाग लिया।