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डुमरांव अनुमंडल अस्पताल प्रबंधन मानवीय संवेदना को भूल गया

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बक्सर/प्रतिनिधि: डुमरांव अनुमंडल अस्पताल प्रबंधन मानवीय संवेदना को भूल चुकी है। इसका जागता मिशाल शुक्रवार को अनुमंडल अस्पताल के पूर्वी-दक्षिणी छोर पर आपातकालिन सेवा कक्ष के बरामदें को जख्मी हालत में कराहते हुए एक अज्ञात व्यक्ति पाया गया। अस्पताल सूत्रों की मानें तो गत 28 जून को पुलिस द्वारा जख्मी हालत में एक अज्ञात व्यक्ति का इलाज के लिए डुमरांव के सरकारी अस्पताल को सौंपा गया।

पुलिस की मौजूदगी में अज्ञात व्यक्ति के जख्म का मलहम पटट्ी किया गया।दोबारा 30 जून को बांह के जख्म का मुआयना करने के लिए अस्पताल प्रबंधक चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी में दो स्वास्थ कर्मी जीएनएम द्वारा मलहम लगे पटट्ी को खोल कर जरूर देखा गया। लेकिन बांह के जख्म से दुर्गंध आते देख इलाज कर रहे स्वास्थ कर्मी द्वय ने अस्पताल प्रबंधक को किसी सर्जन से सलाह लेनें के बाद बेहतर इलाज करानें की सलाह देकर जख्मी अज्ञात व्यक्ति को उसके भाग्य भरोसे छोड़ दिया गया।

अस्पताल प्रबंधन को मानवीय संवेदना का ख्याल नहीं रहा कि सर्जन से सलाह लेकर उसके जख्म का बेहतर इलाज करा सके। अज्ञात व्यक्ति के जख्म का बेहतर इलाज कराने की अस्पताल प्रबंधन को सुधि नहीं रही। बल्कि प्रबंधन द्वारा स्वास्थ कर्मी की जगह अस्पताल की महिला सफाई कर्मी बेबी देवी के भरोसे अज्ञात जख्मी व्यक्ति की देख भाल एवं इलाज करने के लिए छोड़ दिया गया।


शुक्रवार की सुबह से लावारिस पड़े जख्मी व्यक्ति का एक विडीयो वायरल हो रहा था। विडियो वायरल में सडांध भरे बदबू के बीच अकेले महिला सफाई कर्मी आपात कालिन सेवा के एक कक्ष में लावारिस हालत में बेड पर पड़े जख्मी व्यक्ति के बांह वाले हिस्से के जख्म पर कोई लिक्विड दवा का छिड़काव करती दिख रही थी। मिडीया कर्मियों के द्वारा पूछे जाने पर अस्पताल की महिला सफाई कर्मी ने कहा कि ऐ साहेब फिनाइल ना रहे।भरल बोतल बेथाडिन दवा के रहे।जख्मी रोगी के बांह पर दवा के लगवला के थोड़ी देर के बाद रोगी बाहर अपने से निकल गइलन।बाहर बरामदा में सूत गईल बाड़न।


अस्पताल की महिला सफाई कर्मी के इस बयां के बाद अनुमंडल अस्पताल प्रबंधन की चिकित्सा व्यवस्था पर यक्ष सवाल खड़े हो गए है।क्या अस्पताल में ड्रेसर, कम्पाउंडर एवं जीएनएम मौजूद नहीं थे। आखिर तीन दिन गुजर जाने के बाद भी सर्जन के सलाह के अनुसार अज्ञात जख्मी व्यक्ति का बेहतर इलाज की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।


अधिकारी का कहना- अस्पताल में गत चार दिनों से जख्मी हालत में लावारिस हालत पड़े अज्ञात व्यक्ति की बेहतर इलाज के प्रति लापरवाही एवं महिला सफाई कर्मी द्वारा जख्मी का इलाज करने के बावत पूछे जानें पर अस्पताल प्रबंधक चंद्रशेखर आजाद पल भर के लिए मौंन सा हो गए। चंद पल के बाद अस्पताल प्रबंधक नें कहा कि जख्मी अज्ञात व्यक्ति के नाम एवं पता के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया।

लेकिन उसके बंग्लाभाषी होने के कारण नाम एवं पता की अब तक जानकारी नहीं हो सकी है। आगे जख्मी का इलाज महिला सफाई कर्मी के द्वारा किए जाने को लेकर किए गए सवाल पर प्रबंधक ने चुप्पी साध ली।उन्होनें बताया कि आज जख्मी अज्ञात व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया जाएगा।

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