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डुमरांव: कोविड काल में हुए मौत के शिकार लोगों को दी गई श्रद्धांजलि

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बक्सर:देश भर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि के साझे रूप से कोविड-19 और अन्य सन्दर्भों में मारे गए लोगों का शोक मनाने के चल रहे अभियान के तहत आज डुमराँव में माले कार्यकर्ताओं ने कैंडल जलाकर कोविड काल में मारे गए तमाम लोगों को श्रद्धांजलि दी. विदित हो कि ‘अपनों की याद, हर मौत को गिनें – हर गम को बाँटें’ नाम से यह अभियान हर रविवार को आयोजित किया जाना है.


भाकपा-माले कार्यालय डुमराँव में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के जिला कमिटी नेताओं के साथ स्थानीय मुहल्ले के लोगों ने भी कैंडल जलाकर सभी मृतकों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

इस मौके पर संजय शर्मा ने कहा कि जब सरकारों ने हाथ खींच लिए तब देश के नागरिकों ने एक दूसरे का हाथ थामकर कोविड-19 की चुनौतियों का सामना किया है. कोरोना वायरस, फंगस और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण हमारे हजारों लोग मारे गए. कोविड पेशेंट के साथ-साथ बड़ी संख्या में डाॅक्टरों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भी मौत हुई है.

बिहार में सबसे अधिक डाॅक्टरों की मौत हुई है. जिन लोगों की पहचान कोविड पेशेंट के रूप में हो गई, उससे बहुत बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनका कोविड जांच ही नहीं हुआ, लेकिन उनके तमाम लक्षण कोविड के ही थे और वे भी मौत के शिकार हुए. इन तमाम मौतों को सरकार को कोविड से हुई मौत की श्रेणी में गिनना चाहिए.

हम इस अभियान को इसलिए चला रहे हैं कि आने वाले दिनों में ऐसा दर्द फिर से न झेलना पड़े क्योंकि हम जानते हैं कि कोविड की तीसरी लहर फिर से आने वाली है. कृष्णा राम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जिन्हें कोविड के अलावा कोई जानलेवा बीमारी थी – उनके लिए अस्पतालों में जगह न होने से उनकी जान गई.

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