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केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार बुधवार को सम्भव, पशुपति पारस पर सस्पेंस, सुशील मोदी प्रबल दावेदार

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सेंट्रल डेस्क/पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार कल बुधवार को हो सकता है। पीएम मोदी ने सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष के साथ काफी देर तक मंत्रणा की। सूत्रों का मानना है कि इस मैराथन बैठक का मकसद कैबिनेट के संभावित विस्तार को अंतिम रूप देना था। सबकुछ ठीक रहा तो बुधवार को नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी नहीं बताया गया है।

सूत्रों मुताबिक शाह और संतोष ने को प्रधानमंत्री आवास पर मोदी के साथ कई घंटों तक मंत्रणा की सम्भावित मंत्रिमंडल विस्तार में असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुशील कुमार मोदी को मंत्री पद का प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा है। इनके अलावा भाजपा के कुछ सहयोगी दलों को भी मंत्री पद दिए जाने के संकेत हैं।

अगले साल जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें से उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिपरिषद में बंगाल को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। भाजपा के सहयोगी जदयू और अपना दल को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है।

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शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल के भाजपा से नाता तोड़ने के बाद वर्तमान में सहयोगी दलों में सिर्फ रिपब्लिकन पार्टी के नेता रामदास आठवले ही मंत्रिपरिषद में शामिल हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पिछले साल मृत्यु के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि उनके भाई पशुपति कुमार पारस को मंत्रिपरिषद में स्थान मिलेगा अथवा नहीं, यह सस्पेंस बना हुआ है। मई, 2019 में दूसरी बार सरकार की बागडोर संभालने के बाद मोदी कैबिनेट का यह पहला विस्तार होगा। वर्तमान में मंत्रिपरिषद में 53 मंत्री हैं जिनकी अधिकतम संख्या 81 हो सकती है।

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