तेजस्वी का बड़ा आरोप-भगाई गईं थीं नाजरथ शेल्टर होम की लड़कियां, ताकि सफ़ेदपोशों को बचाया जा सके

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सेंट्रल डेस्क : पटना जिले के मोकामा स्थित नाजरथ शेल्टर होम से फरार लड़कियों को दरभंगा के सकतपुर थाना क्षेत्र से बरामद कर पटना लाया गया है। रविवार को छह लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने प्रस्तुत किया गया। यहां इन लड़कियों ने जो बताया वह बेहद चौंकाने वाला है. इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर एक बार फिर बड़ा आरोप लगाया है.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि मुज़फ़्फ़रपुर बलात्कार कांड की पीड़ित और गवाह लड़कियाँ भागी नहीं थी जैसा मैंने कहा था उन्हें एक साज़िश के तहत भगाने की पटकथा लिखी गयी है ताकि सत्ता शीर्ष पर बैठे सफ़ेदपोशों को बचाया जा सके। कौन है वो बड़ा नेता और अधिकारी जो लड़कियों के साथ शोषण करता था?

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि 34 बच्चियों के साथ सत्ता संरक्षित जनबलात्कार जैसा घृणित महापाप होने पर भी CM समेत बिहार सरकार इस मामले पर पूर्णत चुप है। माननीय हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को लेकर नीतीश सरकार को क्या-क्या नहीं कहा लेकिन इनपर कोई असर नहीं हो रहा है?

अपने अगले ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा- मुज़फ़्फ़रपुर जनबलात्कार कांड में ऐसा कौन शख़्स संलिप्त है जिसे बचाने को लेकर बिहार सरकार सब संस्थाओं की लताड़ बेशर्मी से चुपचाप सुन रही है। CBI अधिकारियों का तबादला करवा रही है? अपने आप से पूछिए अगर 34 अनाथ बच्चियों की जगह हमारी अपनी बहन-बेटी होती तो हम सभी ऐसे ही चुप रहते?

बता दें कि मोकामा शेल्टर होम से फरार हुईं सात लड़कियों में से छह बरामद हो गई हैं, लेकिन एक लड़की अबतक नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड मामले की ये लड़की मुख्य गवाह है जिसने बताया था कि शेल्टर होम में बड़े अधिकारी और राजनेता आते थे। इस लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।

यह भी बात सामने आ रही है कि मोकामा में नाजेरथ अस्पताल के एनजीओ द्वारा संचालित बालिका सुधार गृह से सातों लड़कियों भागी नहीं, भगाई गईं थीं। लड़कियां बाथरूम की खिड़की का ग्रिल काटकर नहीं भागी थीं। सभी एक साथ शेल्टर होम के गेट से फरार हुई थीं। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है।

लड़कियों को भगाने में शेल्टर होम के दो-तीन लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। भागने के बाद सभी मोकामा स्टेशन पहुंचीं। छह लड़कियां एक ट्रेन पर बैठकर मोकामा से बरौनी गई और फिर बरौनी से दूसरी ट्रेन पकड़कर दरभंगा पहुंच गईं।

एक लड़की जो बंगाल के दिनाजपुर की रहने वाली थी, वह एक युवक के साथ मोकामा से दूसरी ट्रेन से रवाना हुई। पटना पुलिस की एक टीम उसे खोजने के लिए दीनाजपुर में छापेमारी कर रही है पर वह अभी तक नहीं मिली है।