बिहार में पंचायत चुनाव पर सातवीं बार टली सुनवाई, पटना हाइकोर्ट में 12 अप्रैल को होगी सुनवाई!

हेमंत कुमार /पटना: बिहार में पंचायत चुनाव में इवीएम के इस्तेमाल को लेकर स्टेट इलेक्शन कमीशन और इलेक्शन कमीशन अॉफ इंडिया के बीच की कानूनी जंग पर आज शुक्रवार, 9 अप्रैल को सातवीं बार सुनवाई टल गयी। अब अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मोहित कुमार शाह की सिंगल बेंच में चल रही है।


कोर्ट का फैसला नहीं आने से बिहार में त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव का ऐलान नहीं हो पा रहा है। अगर सुनवाई यों ही टलती रही तो पंचायत का चुनाव भी टल सकता है। चुनाव टलने का सीधा असर यह होगा कि सरकार अध्यादेश के जरिय पंचायतों को विघटित कर देगी और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतराज की जगह ‘अफसर राज’ कायम हो जायेगा। 2016 में पंचायत चुनाव का ऐलान 25 फरवरी को हो गया था। 24 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग हुई थी। इस बार चुनाव की तारीखें भी घोषित नहीं हो पायी हैं। पंचायतों का कार्यकाल 16 जून को समाप्त हो रहा है। उससे पहले चुनाव कराना होगा। अन्यथा पंचायतें विघटित कर दी जायेंगी।

मालूम हो कि बिहार में पंचायत चुनाव में मल्टीपोस्ट इवीएम के इस्तेमाल को लेकर इलेक्शन कमीशन अॉफ इंडिया से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र ) लेने की शर्त को स्टेट इलेक्शन कमीशन, बिहार ( SEC, Bihar) ने पटना हाइकोर्ट में चुनौती दी है। स्टेट इलेक्शन कमीशन की ओर से 19 फरवरी,2021 को पटना हाइकोर्ट में याचिका ( CWJC/5464) दायर की गयी थी। कोर्ट ने उस याचिका पर 23 फरवरी को सुनवाई की और दोनों आयोगों को आपसी तालमेल से मामला सुलझा लेने की नसीहत दी। इस नसीहत के साथ कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 10 मार्च तय कर दी। लेकिन इस मामले की सुनवाई 10 मार्च को नहीं हुई और 12 मार्च को भी सुनवाई टल गयी। कोर्ट ने दूसरी बार 15 मार्च को सुनवाई की और फिर दोनों आयोगों को आपस में बातचीत से मामला सुलझाने की नसीहत दी। इसके साथ ही 6 अप्रैल को अगली सुनवाई तय कर दी।

इस बीच कोर्ट की नसीहतों का कोई असर दोनों आयोगों पर नहीं हुआ। दोनों आयोगों के बीच दो दफे बातचीत हुई जिसमें इलेक्शन कमीशन अॉफ इंडिया ने स्टेट इलेक्शन कमीशन, बिहार को मल्टीपोस्ट इवीएम के बदले सिंगल पोस्ट इवीएम से चुनाव कराने की सलाह दी जिसे स्टेट कमीशन ने मानने से इंकार कर दिया। इधर, कोर्ट फैसला सुनाने के बदले लगातार तारीख पर तारीख दे रहा है। पहले से तय तारीख 6 अप्रैल को सुनवाई नहीं हुई। सात अप्रैल को सुनवाई की तारीख़ तय हुई। उस दिन भी सुनवाई टली और 8 अप्रैल की तारीख मिली। उस दिन भी सुनवाई टली और 9 अप्रैल को सुनवाई की नयी तारीख तय हुई। लेकिन सुनवाई फिर 12 अप्रैल तक के लिए टल गयी। जानकारी के मुताबिक 6 अप्रैल से हाइकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई हो रही है। पंचायत चुनाव वाली याचिका लिस्ट में नीचे रहने के कारण कोर्ट उस पर सुनवाई नहीं कर पा रहा है।