नगर विकास व आवास विभाग की जारी अधिसूचना में बेतिया नगर निगम में बेतिया डीह को शामिल नहीं किए जाने पर लोगों ने व्यक्त किया रोष

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित नगर परिषद के विस्तार के दौरान चनपटिया प्रखंड के ग्राम पंचायत राज बेतियाडीह को नगर निगम में शामिल नहीं किए जाने पर लोगों ने विरोध प्रकट किया। बेतियाडीह पंचायत के निवासियों में इस बात का दुःख है कि उन्हें बेतिया नगर निगम में शामिल नहीं किया गया है। इस संबंध में उपर्युक्त पंचायत के 100 व्यक्तियों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन राज्यपाल बिहार, मुख्यमंत्री बिहार, मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह पश्चिम चंपारण सांसद, जिला पदाधिकारी पश्चिम चंपारण, चनपटिया विधायक, नगर पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी नप बेतिया को सौंपा है।

जिसमें खुलासा किया गया है कि पूर्व में प्रकाशित सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 05 / न वि /गठन-02/2017 -4129 पटना दिनांक 13 दिसंबर 2020 में बेतिया डीह के नगर निगम में शामिल होने के बाद भी बेतिया डीह को नगर विकास एवं आवास विभाग संख्या05 न 0 नि0/गठन-30/2020- 1520(बिहार अधिनियम 11,2007)(यथा संशोधित) की धारा 3 (1)(क) 4,5,6एवं8 दिनांक 31/3 /2021 में बिहार राज्यपाल के आदेश से अरविंद कुमार झा सरकार के संयुक्त सचिव के हस्ताक्षर से निर्गत गजट में बेतिया डीह पंचायत को दरकिनार कर दिया गया है।

जिससे उपर्युक्त पंचायत वासियों में असंतोष है। क्योंकि नगर निगम कार्यालय मुख्यालय से सटे पंचायत को शामिल नहीं किया गया, जबकि नगर निगम कार्यालय मुख्यालय बेतिया से काफी दूरी वाले पंचायत को शामिल किया गया है। जिला अवर निबंधन कार्यालय बेतिया में पूर्व से ही नगर परिषद के अंतर्गत राजस्व वसूल किया जाता रहा है। इतना ही नहीं आक्रोशित लोगों का कहना है कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में तत्कालीन संचार मंत्री रामविलास पासवान ने संचार सेवाओं में क्रांति लाई गई। उस समय उपर्युक्त पंचायत में भारत संचार निगम लिमिटेड दूरभाष केंद्र बेतिया से शहरी क्षेत्र के अंतर्गत ही दर्जनों उपभोक्ताओं के घर में लैंडलाइन फोन लगाया गया।

जिसके एवज में भारत संचार निगम लिमिटेड दूरभाष केंद्र बेतिया में विभाग ने निर्धारित सिक्योरिटी मनी भी जमा कराकर रसीद दी गई। विदित हो कि बेतियाडीह पंचायत को 24 अगस्त सन 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में ब्रिटिश सरकार की क्रूर कार्रवाई निहत्थे आंदोलनकारियों पर चलवाने में शहीद हुए अमर शहीद गणेश राय की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है।

आवेदनपत्र में हस्ताक्षर करने वाले रंजीत कुमार राय, अतुल कुमार मिश्र, विपिन बिहारी मिश्र,अजय मिश्र, डीके पांडे, हैप्पी मिश्र, प्रभाकर मिश्र, सतीश तिवारी, शीला देवी, ममता तिवारी, सरिता राय, पूजा सिंह, समीर, राय मनोज कुमार राय, अजय राय, अंकित राय, रोहित कुमार, नईम अंसारी, रंजीत बैठा व हरेंद्र पासवान का कहना है कि हम लोगों ने सरकार व सक्षम पदाधिकारियों से आवेदन देकर न्याय की मांग किया है। यदि न्याय नहीं मिलता है तो बाध्य होकर पटना उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा।