IPL2021: क्रिकेट पर कोरोना का कहर-जानिए इंडियन प्राफिट लीग (आईपीएल) का अर्थशास्त्र

-आईपीएल सस्पैंड, बीसीसीआई को दो हजार करोड़ का नुकसान
-टी-20 की मेजबानी खतरे में, पहली बार ब्रांड वैल्यू को गिरी
-आईपीएल गवर्निंग बॉडी की थी यूएई में मैच कराने की पहल
-सिर्फ पैसे के लालच में बीसीसीआई ने प्रस्ताव ठुकरा दिया था


स्पोर्ट्स/ महेश शर्मा: देश के क्रिकेट पर कोरोना ने खूनी पंजे गड़ा दिए हैं। बीसीसीआई के निर्णय के मुताबिक आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग सारे मैच सस्पैंड (स्थगित) कर दिए गए हैं। हालांकि आसार तो नहीं दिखते हैं पर कहा जा रहा है कि हालात सुधरने पर मैच कराए जा सकते हैं। भारत से टी-20 विश्वकप की मेजबानी भी छिन सकती है। इससे भी बीसीआई को भारी नुकसान हो सकता है।

मैच न होने की सूरत में बीसीसीआई को 2,000 करोड़ का नुकसान संभव है। आईपीएल से करोड़ो रुपया सरकार को टैक्स के रूप में भी मिलता है। बिना दर्शकों के हो रही इस लीग के स्थगन से आईपीएल की ब्रांड वैल्यू को नुकसान संभव है। पिछले साल हालांकि सारे मैच बिना दर्शकों के दुबई, अबूधाबी, शारजाह में हुए थे। फिर भी आईपीएल की ब्रांड वैल्यू 3.6 प्रतिशत गिर गय़ी थी। ब्रांड वैल्यू की रिपोर्ट जारी करने वाली एजेंसी डफ एंड फेलप्स के अनुसार यह गिरावट संभव हो सकती है। चार खिलाड़ी और दो कोचिंग स्टाफ कोरोना संक्रमित होने से प्रतियोगिता स्थगित करने का फैसला लिया गया है।

बताया जाता है कि आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने बीसीसीआई को प्रस्ताव दिया था कि यूएई में मैच कराए जा सकते हैं। और पिछले साल की तरह इसे सफल भी बनाया जा सकता है। लेकिन कोरोना का कोप होने के बाद भी बीसीसीआई ने आईपीएल के सारे भारत के प्रमुख शहरों में ही कराने का निर्णय लिया। कोरोना विस्फोट के कारण अंततोगत्वा स्थगित करना पड़ा। इसके पीछे यह भी एक कारण बताया जाता है कि बीसीसीआई यह संकेत देना चाहता था कि विषम परिस्थितियों में भी भारत टी-20 विश्वकप आयोजन इसी साल अक्टूबर में कराने को तैयार है।

आईपीएल से मुनाफा का एक हिस्सा सरकार को रेवेन्यू के रूप में भी जाता है। जानकारी के अनुसार 2007 से अब तक 35 सौ करोड़ रुपया टैक्स सरकार को मिल चुका है। आईपीएल से पहले बीसीसीआई को चैरिटेबल संगठन समझा जाता था। इस लीग से बीसीसीआई 40 प्रतिशत राजस्व जनरेट करता है। टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व क्रिकेट अर्थव्यवस्था तकरीबन 15 हजार करोड़ रुपये की है। इसका 33 प्रतिशत (पांच हजार करोड़ रुपया) आईपीएल से आता है।

यही वजह है कि दुनिया के अन्य क्रिकेट बोर्ड भी आईपीएल को सहयोग देते हैं। कोरोना के कारण कई देशों ने अन्य देशों में मैच खेलने से जाने से इंकार कर दिया है पर आईपीएल हो रहा है। कहते हैं कि आईपीएल अगर रद्द नहीं होता है तो तीन हजार करोड़ का मुनाफा हो सकता है। 2019 में आईपीएल की वैल्यू 47 हजार करोड़ रुपये थी।

एक मीडिया समूह को दिए बयान में बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरुण धूमल के मुताबिक पिछले सीजन में 4 हजार करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार तीन हजार करोड़ मुनाफे का अनुमान है यदि बाकी मैच भी हो जाते हैं तो। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिछली बार आईपीएल रद्द होता तो 3,800 करोड़ का नुकसान हो सकता था। अबकी बीच मे आईपीएल रद्द होता दो हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है।