चारा घोटाला : झारखंड हाईकोर्ट ने CBI से पूछा- लालू यादव के मामले में ही क्यों हो रही है एक-एक दिन की गिनती

स्टेट डेस्क/रांची : राजद सुप्रीमो लालू यादव की ज़मानत की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान झारखंड हाई कोर्ट ने अपनी मौखिक टिप्पणी में सीबीआई से सवाल किया – लालू यादव के मामले में वह एक -एक दिन का इंतजार क्यों कर रही है जबकि वह दूसरे प्रकरणों में ऐसा नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि लालू यादव चारा घोटाले में सजा काट रहे हैं। दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले कोर्ट द्वारा दी गई सजा की आधी अवैध पूरी होने को आधार बनाकर लालू यादव ने जमानत की अर्जी दाखिल की है।



शुक्रवार को जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने सीबीआइ को लालू प्रसाद के जेल अवधि की निचली अदालत के आदेश की सत्यापित प्रति अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है। लालू प्रसाद की ओर से भी जेल अवधि से संबंधित आदेश की प्रति अदालत में दाखिल की जानी है, जिस पर सीबीआइ ने आपत्ति जताई है। इस दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि लालू प्रसाद के मामले में सीबीआइ एक-एक दिन की गिनती कर रही है, जबकि दूसरों के मामलों में ऐसा नहीं किया। लालू प्रसाद की जमानत पर हाई कोर्ट में चौथी बार सुनवाई टली है।

लालू के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने कहा कि अदालत में जब सीबीआइ लालू प्रसाद के आधी सजा पूरी नहीं करने का दावा कर रही है, तो उनको निचली अदालत के आदेश की प्रति कोर्ट में पेश करनी चाहिए थी, लेकिन सीबीआइ ने ऐसा नहीं किया है। इसी वजह से जमानत पर सुनवाई टल गई है। लालू यादव के वकील ने दावा किया कि दुमका कोषागार मामले में लालू यादव ने सजा के 42 माह पूरे कर लिए हैं। यह अवधि आठ फरवरी को पूरी हो गई है, लेकिन इस बार भी सीबीआई लालू की जमानत में अड़चन डाल रही है।

सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि उनकी जेल अवधि से संबंधित विस्तृत जानकारी कोर्ट में पेश की गई है। इसमें उनके जेल जाने की तिथिवार सूची दी गई है। इसके अनुसार लालू प्रसाद ने सजा की आधी अवधि जेल में काट ली है। सीबीआइ के अधिवक्ता राजीव सिन्हा ने इसका विरोध किया और कहा कि अब तक लालू प्रसाद ने 37 माह 12 दिन ही जेल में काटे हैं।

इस पर अदालत ने पूछा कि किस आधार पर सीबीआइ लालू यादव के दावे पर आपत्ति जता रही है। क्या उनकी ओर से इससे संबंधित निचली कोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति अदालत में दाखिल की गई है। इस पर सीबीआइ ने सत्यापित प्रति अदालत में दाखिल करने के लिए समय की मांग की। अदालत ने सोमवार तक दोनों पक्षों से संबंधित आदेश की सत्यापित प्रति कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। यह चौथा मौका है जब जमानत पर सुनवाई टली है ।

बता दें कि लालू प्रसाद ने बीमारी, बढ़ती उम्र और आधी सजा पूरी करने का हवाला देते हुए हाई कोर्ट से जमानत देने की याचना की है। सम्प्रति लालू यादव का इलाज दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है।