Kanpur : लाखों खर्च करवाकर भी नही बचा पा रहे ग्रीनपार्क मैदान में कीचड

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Bhupendra Singh : देशभर के प्रमुख टेस्ट सेंटरों में शुमार ग्रीनपार्क मैदान में बारिश के पानी भर जाने के कारण फजीहत झेलने से बचने को लाखों रुपए खर्च कर बनाया गया ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। लॉकडाउन के समय बनाए गए ड्रेनेज सिस्टम के ध्वस्तीकरण के चलते कर्नलसीके नायडू मैच के दौरान मैदान और पिच पर पानी का जमाव अभी भी देखा जा सकता है।

लगभग 23 लाख की लागत से बनवाए गए ड्रेनेज सिस्टम के बारे में बीसीसीआई के कंसल्टेंट क्यूरेटर शिव कुमार ने जानकारी दी थी कि अब अधिक बारिश होने के बाद भी मुख्य मैदान के किसी भी छोर पर पानी नहीं भरेगा। जबकि रविवार को केवल आधे घंटे की बारिश ने पूरे ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम के साथ ही उनके दावों की भी पोल खोलकर रख दी। बतातें चलें कि पूर्व के समय में ग्रीनपार्क मैदान में ड्रेनेज सिस्टम सही नही था जिसके चलते थोडी सी बारिश में ही पानी भर जाया करता था।

लॉकडाउन के दिनों में कोई भी मैच न होने की दशा में संघ को समय मिल गया था जिसपर नोडल अधिकारी स्व .अनिल कम्थान ने बजट पास करवाकर ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने की कवायद शुरु करवा दी। वर्षों पुरानी समस्या में सबसे पहले जंगली घास से निजात पाने का काम किया गया। ग्रीनपार्क में इसके साथ वाटर लॉकिंग, सेंड बेस के साथ मुख्य पिच व अभ्यास पिचों के रिनोवेशन का काम लगभग पूरा किया गया था।

दावा यह किया गया था कि अब मैदान के किसी भी कोने में पानी नही भर सकेगा लेकिन उनके दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं क्योंकि तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही है। यूपीसीए के एक पदाधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन में खेल की गतिविधियां बंद होने के कारण मैदान के वृहत मेंटीनेंस के साथ ही ड्रेनेज सिस्टम का काम भी लाखों रूपए खर्च कर किया गया था। सीजन में पूरे मैदान को पहले को सेंड बेस कर दिया गया था । इससे बारिश के कीचड़ होने की संभावना खत्म हो जानी चाहिए थी लेकिन अफसोस वो नही सका।