Lockdown effect: अब शादियों में दूर की बारात जाने से कतराएंगे लोग, जानिए वजह

कानपुर (प्रशांत मिश्रा) : अब दूर की बारात के लिए शायद बाराती खोजना मुश्किल होगा ? कम से कम कानपुर के चौबेपुर के लोगों के लिए यह सबक हो गया जहां की एक बारात
60 दिन बाद वापस लौटी । चौबेपुर के हकीम नगर गांव से 2 माह पूर्व बिहार में बेगूसराय के फतेहपुर बारात गई थी ।


बुधवार को बस से बारात वापस लौटी । बारातियो की पहुंचते ही थर्मल स्कैनिंग की गई ।बारात को देखने के लिए चौबेपुर कस्बे से बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए । चौबेपुर क्षेत्र के हनुमान मंदिर के पीछे ग्राउंड में बारात उतरी । स्थानीय लोगो के अनुसार कस्बे के लोगों ने आपसी सहयोग कर बारात लाने के लिए बस भेजी थी जो आज बारातियों को वापस लेकर आई है । बस के आते ही गांव में खुशी का माहौल हो गया । पुलिस भी गांव पहुंच गई है ।

20 मार्च की शाम बारात चौबेपुर कस्बे से बिहार के बेगूसराय ट्रेन से गई थी । 21 मार्च को निकाह की रस्म अदा की गई। सभी को अगले दिन दुल्हन के साथ लौटना था। 22 को जनता कर्फ्यू लग गया। 23 को बारात लड़की वालों के दबाव में नहीं लौट सकी ।इसके बाद 24 मार्च को लॉकडाउन के चलते आवागमन बन्द कर दिया गया।

दूल्हा समेत 10  बाराती लड़की वालों के यहां ठहरे । लड़के वालों के पास जब पैसे खत्म हो गए तो दुल्हन ने अपने खाते से दो हजार रुपये निकालकर शौहर को दिए। इतना ही नहीं  दोनों पक्ष लोग एक दूसरे की मदद से दिन काटने लगे । ट्रेन से गई बारात को रेल सेवाएं बहाल होने का इंतजार था।

चौबेपुर के हकीम नगर मोहल्ले से महबूब खान के बेटे इम्तियाज का निकाह बेगूसराय के देहलिया फतेहपुर गांव की खुशबू खातून के साथ तय हुआ था। बारात में दूल्हा इम्तियाज, पिता महबूब, मां शरीना बेगम, दूल्हे के खालू (मौसा) मझवन निवासी जलील खान, बहनोई नदीम नाजीन, मासूम नुजन, बिचवानी रियाज अहमद व पड़ोसी अकरम बाराती बन के गये थे ।

चौबेपुर में दूल्हे की बहन आफरीन के मुताबिक लड़की के माता-पिता नहीं होने के कारण मामा हवीब ने शादी तय की थी। लड़की पक्ष ने दस दिन खाना खिलाने के बाद हाथ खड़े कर दिए। महबूब बारात का खर्च उठाने को विवश हुए। चौबेपुर में बारात वापसी के बाद घर में होने वाले दावत-ए-वलीमा की तैयारी भी धरी रह गईं।

लगातार परिवार के लोग बारात में गए लोगों से फोन से संपर्क करते रहे । दूल्हे के घर पर उसकी बहन आफरीन दो बच्चों व रिश्तेदार नूरजहां, असरत के साथ बारात वापसी के इंतजार में रही । आज बारात लौटने पर राहत की सांस ली। इधर बाराती बारात के नाम से तौबा कर रहे हैं।