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ब्रिक्स में मोदी बोले, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की जरूरत

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सेंट्रल डेस्क/ 9 सितंबर 2021: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते 15 वर्षों में ब्रिक्स देशों ने कामयाबी का सफर तय किया है। कोरोना संकट काल में सभी ने मिलजुलकर काम किया। भारत को ब्रिक्स देशों का भरपूर सहयोग मिला। सबने कंधा से कंधा मिलाकर इस महामारी का मुकाबला किया। मोदी ब्रिक्स के 13वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

सम्मलेन में ब्रिक्स देशों के सभी राष्ट्राध्यक्ष बर्चुअल मीटिंग में जुड़े थे। उन्होंने संसाधनों के साझा उपयोग पर जोर दिया। और यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की उपलब्धियों से हमारी आवाज दुनिया में बुलंद हुई है। डेवलेपिंग कंट्रीज की प्राथमिकताओं पर ध्यान देने के लिए यह मंच काफी उपयोगी हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म प्लान एग्जिक्यूट किया है। हमने समझौते से सहयोग का नया अध्याय शुरू किया है। इससे इंट्रा ब्रिक्स व्यापार आसान होगा, वैक्सीनेशन रिसर्च सेंटर भी बनेगा। इन कदमों से न सिर्फ हमारी जनता को फायदा मिलेगा, बल्कि ब्रिक्स की भूमिका भी बनी रहेगी। ये बैठक ब्रिक्स को भविष्य में और उपयोगी बनाने के लिए काम आएगी।

मोदी ने कहा कि ब्रिक्स ने न्यू डेवलपमेंट बैंक, एनर्जी रिसर्च कॉरपोरेशन जैसे प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं। गर्व करने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। यह भी जरूरी है कि हम आत्मसंतुष्ट ना हों। हमें ये निश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 सालों के लिए उपयोगी हो। प्रधानमंत्री मोदी दूसरी बार ब्रिक्स समिट की अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे पहले वे 2016 में गोवा में हुई ब्रिक्स समिट की अध्यक्षता कर चुके हैं।

रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने अफगानिस्तान के हालिया संकट के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग ने कहा- ये ब्रिक्स की 15वीं एनिवर्सरी है। पिछले 15 साल में हमने राजनीतिक विश्वास बढ़ाया है और कूटनीतिक बातचीत को बढ़ावा दिया है। जिनपिंग ने कहा- इस साल की शुरुआत से हमारे सहयोगी देश महामारी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं और कई क्षेत्रों में हमने प्रगति भी की है। ब्रिक्स के फ्यूचर के लिए हम मिलकर काम करेंगे। हम अपनी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा संसाधनों के आधार पर रणनीति बनाएंगे। आपको बता दें कि ब्रिक्स ब्राजील, रूस इंडिया, चीन व साउथ अफ्रीका देशों का एक ग्रुप है जो कि वर्ष 2011 में बना था। इस ग्रुप को बनाने का मकसद वेस्टर्न कंट्रीज के इकोनॉमिक और पॉलिटिकल दबदबे का मुकाबला करना है। ब्रिक्स ने वॉशिंगटन में मौजूद इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड और वर्ल्ड बैंक के मुकाबले अपना खुद का बैंक बनाया है।

भारत इस बार सम्मेलन का आयोजक है और प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी अध्यक्षता की। समिट में ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सेनारो, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीक के राष्ट्रपति रामाफोसा शामिल हुए। इस बार समिट की थीम ‘ब्रिक्स@15: इंट्रा-ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर कंटीन्यूटी, कॉन्सोलिडेशन एंड कॉन्सेंसस’ रखी गई है।

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