साड़ी के आँचल में लहराएंगे मोदी जी!

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-विमलेंदु सिंह

अपनी बुआ की शादी में आपसे ‘जुलुल जुलुल’ आने का निवेदन करने वाला चुन्नू, मुन्नू, बंटी, बबलू, अब आपसे मोदी जी को वोट करने का निवेदन भी कर रहा है। अपनी बिटिया की शादी में आपको न्योता दे रहे शर्मा जी, वर्मा जी, सिंह जी, झा जी को आपसे शादी में कोई उपहार नहीं चाहिए।

बस अबकी आम चुनाव में कमल निशान पर बटन दबाइये, उनके अकाउंट में आपका उपहार पहुंच जाएगा। आपके मेजबान को और कुछ भी न चाहिए। ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ का पांच साल का सफरनामा पूरा हो चुका है।

लेकिन सत्ता की चाहत भी कभी खत्म होती है क्या? नहीं होती है। कभी खत्म नहीं होती है। मरते दम तक खत्म नहीं होती है। खत्म होनी भी नहीं चाहिए। आखिर सियासी पर्वत का शिखर तो सत्ता और सिंहासन ही है।

इस चाहत के लिए ही तमाम तिकड़म आजमाए जाते हैं। कुछ खुद तो कुछ उनके चाहने वाले। शादी के कार्ड और नमो अगेन टी शर्ट के बाद अब माताओं, बहनों, बीबियों और भाभियों के आंचल में भी लहरा रहे हैं मोदी जी।

‘छोड़ दो आँचल जमाना क्या कहेगा’ का लगता है जवाब ढूंढ निकाला गया है। क्योंकि इन अदाओं से जमाने को दीवाना बनाने की कवायद चल रही है। बस मोदी जी प्रिंट वाली साड़ी पहन अपनी अदाओं से जमाने पर डोरे डालने के लिए तैयार हो जाइये।

बाज़ार में मोदी जी के छापे वाली साड़ी की आमद हो चुकी है। शायद मुफ्त वितरण हो। मोदी नाम केवलम की माला जपने वाले अपने आकाओं को खुश रखने का मौका भला अपने हाथ से क्यों जाने देंगे?

अब देखना यह है कि चुनाव प्रचार का यह नया नवेला तरीका लोगों को कितना लुभा पाता है।