नालंदा: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना की बैठक

बिहारशरीफ/अविनाश पांडेय: DM योगेन्द्र सिंह ने शनिवार को बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत क्रियान्वित की जा रही लगभग सभी योजनाओं के धीमी कार्य प्रगति पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों के द्वारा इकरारनामा के अनुरूप आवश्यक संसाधन कार्यस्थल पर नहीं जुटाया जा रहा है, जिसके कारण कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी है। फलस्वरूप निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत योजनाओं का कार्य पूर्ण होने की संभावना कम है।




उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व विभिन्न योजनाओं के स्थल निरीक्षण के क्रम में एक से अधिक योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाली एजेंसी के संबंध में स्मार्ट सिटी परियोजना के कंसल्टेंट द्वारा बताया गया था कि एजेंसी द्वारा एक एक कर अलग-अलग योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जाएगा। जबकि कार्य आदेश निर्गत होने के उपरांत एजेंसी को एक साथ सभी आवंटित योजनाओं का कार्य सुनिश्चित करना चाहिए।

जिलाधिकारी ने बाजार समिति के फेज वन कार्य, इंटीग्रेटेड सेंट्रल कमांड सिस्टम, टाउन हॉल के जीर्णोद्धार, टिकुली पर तालाब, सुभाष पार्क, श्रम कल्याण मैदान सहित अन्य योजनाओं की धीमी प्रगति को एक-एक कर गिनाया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें भी जन उपयोग के लिए समर्पित नहीं किया गया है। निविदा की प्रक्रिया पूर्ण योजनाओं में भी कार्य आदेश निर्गत करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है।

उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के उपस्थित सभी कंसलटेंट एवं एजेंसी प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बैठक से बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि योजनाओं के धीमी कार्य प्रगति के संबंध में योजनावार स्पष्ट प्रतिवेदन नगर विकास विभाग को भेजा जाएगा। उन्होंने नगर आयुक्त को एक-एक योजनावार गहन समीक्षा सुनिश्चित करते हुए इकरारनामा के अनुरूप उपयुक्त संसाधनों के साथ संबंधित एजेंसी से कार्य कराने का निर्देश दिया। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन लगाकर कार्य को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में नगर आयुक्त के साथ-साथ स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े सभी कंसलटेंट एवं एजेंसी के पदाधिकारी/ प्रतिनिधि मौजूद थे।